चीन में चमके यूपी के ये योग गुरु, कमाते हैं लाखों रुपए
भले ही देश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा के बाद योग विधाओं को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया हो, लेकिन चीन में योग दिनचर्या का हिस्सा है। पिछले एक दशक में बड़ी संख्या में योग सेंटरों की स्थापना हुई है और इन पर वेस्ट यूपी के योग गुरु शिक्षा दे रहे हैं। (रिपोर्ट: मदन बालियान/अमर उजाला, मेरठ)
चीन में चमके यूपी के ये योग गुरु, कमाते हैं लाखों रुपए
ग्रेटर पल्लवपुरम निवासी नीरज कुमार बीजिंग में कमल योग सेंटर चलाते हैं। डिमांड बढ़ी तो तीन साल में छह शाखाएं खुल गईं। वह बताते हैं कि चीन में जॉब के बाद लोग घर जाने के बजाए सीधे हेल्थ सेंटर आते हैं।
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नीरज ने बताया कि उन्होंने चंद कॉलेज ऑफ योग एंड नेचरोपैथी दिल्ली से योगा की पढ़ाई की। उत्तराखंड से योगा विषय में एमए किया। इसके बाद नौकरी मिल गई। शुरुआत में ही प्रतिमाह 75 हजार रुपये महीने की नौकरी मिली थी। जो पिछले एक दशक से चीन में योग सिखा रहे हैं, उन्हें प्रतिमाह करीब ढाई से तीन लाख रुपये महीना मिलते हैं।
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मोदीपुरम की आकांक्षा हाइट्स निवासी आयुष शर्मा बताते हैं कि योग की पढ़ाई के बाद वह चीन में नौकरी करने चले गए। यहां योग का बड़ा स्कोप है। महिलाएं योग की दीवानी हैं, वह खूबसूरत दिखने के लिए योग करती हैं। सेंटरों पर पावर योगा, हॉट योगा, हठ योगा, अष्टांग, पद्मासन, भ्रामरी प्राणायाम और अनुलोम विलोम सिखाएं जाते हैं।
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मुजफ्फरनगर के पुष्पेंद्र, सहारनपुर के शैंकी, बागपत के दीपेंद्र और शामली के पंकज मलिक, धर्मेंद्र मलिक और सुधीर लपराना समेत बड़ी संख्या में वेस्ट यूपी के युवा चीन में योग सिखा रहे हैं।