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टंकी पर चढ़ महिला ने किया ऐसा काम, आप करेंगे सलाम

Wed, 04 Feb 2015 12:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा
ब्यूरो/अमर उजाला, आगरा Updated Wed, 04 Feb 2015 12:59 PM IST
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टंकी पर चढ़ महिला ने किया ऐसा काम, आप करेंगे सलाम

woman climbed on water tank in agra.

आगरा जिले के मनकेड़ा ग्राम पंचायत के गांव नगला कारे की रोड बनवाने की मांग को लेकर तीन महीने से अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही महिला की जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो वह मंगलवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित जलकल विभाग की पानी की टंकी पर चढ़ गई।

टंकी पर चढ़ महिला ने किया ऐसा काम, आप करेंगे सलाम

woman climbed on water tank in agra.

महिला ने ऐलान किया कि अगर सुनवाई नहीं हुई तो वह कूदकर जान दे देगी। कुछ ही देर में लोगों का जमावड़ा लग गया। जानकारी पर फायर बिग्रेड के कर्मचारियों ने उसे उतारने का प्रयास किया तो वह टंकी से लटक गई। पुलिस प्रशासनिक अफसर भी पहुंचे। दो घंटे तक उसे मनाने की कवायद चली। रोड बनवाने का आश्वासन मिलने के बाद ही वह टंकी से उतरी।

टंकी पर चढ़ महिला ने किया ऐसा काम, आप करेंगे सलाम

woman climbed on water tank in agra.

मनकेड़ा ग्राम पंचायत के गांव नगला कारे की सावित्री देवी पत्नी जय सिंह तीन महीने से गांव की रोड बनवाने के लिए अकोला ब्लाक से लेकर बीडीओ, सीडीओ और डीएम दफ्तर के चक्कर लगा रही हैं। उन्होंने बताया कि वे मंगलवार को तहसील दिवस में गांव की 25-30 महिलाओं के साथ तहसील सदर आईं। यहां प्रार्थनापत्र दिया तो एसडीएम सदर ने सुनवाई नहीं की। कोई ठोस आश्वासन भी नहीं मिला। इस पर वह पुलिस लाइन पहुंचीं। दोपहर 1:15 बजे वह पानी की टंकी पर चढ़ गईं। साथ आईं महिलाओं ने रोका तो कहा कि अगर रोड (खड़ंजा) नहीं बनी तो जान दे देगी।

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woman climbed on water tank in agra.

इसके बाद एडीएम ने जेई को उसके गांव में भेजा। दोपहर 2:45 बजे वह नीचे उतरने को तैयार हुई। इसके बाद वह पानी की टंकी से उतरी। उसने कहा कि अगर तहसील दिवस में उसकी सुनवाई हो जाती तो वह मरने क्यों पहुंचती। उसने अधिकारियों को खूब खरीखोटी सुनाई।

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woman climbed on water tank in agra.

अधिकारियों से बातचीत में सावित्री का दर्द आंखों से छलक पड़ा। उसने कहा कि गांव में जलनिकासी नहीं होने के कारण रास्तों में कीचड़ भरा रहता है। बच्चे स्कूल तक नहीं जा पाते हैं। उन्हें छोड़ने जाना पड़ता है। निरक्षर सावित्री के तर्कों से अधिकारी निरुत्तर हो गए। उसने कहा कि मेरे भी बच्चे हैं, अगर मुझे जेल भेजना चाहते हो तो मैं तैयार हूं। मैं जेल में भी अन्न-जल त्याग दूंगी। मुझे किसी ने नहीं उकसाया। मुझे चुनाव नहीं लड़ना है। नेता तो झूठे और भ्रष्ट होते हैं। अगर खड़ंजा बन जाएगा तो पूरे गांव का भला होगा।

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