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ताजमहल के एक और सच से उठा पर्दा, मामला कब्रों का है

Fri, 22 May 2015 02:35 AM IST
Updated Fri, 22 May 2015 02:35 AM IST
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ताजमहल के एक और सच से उठा पर्दा, मामला कब्रों का है

tajmahal in worst condition

जिस शहंशाह शाहजहां ने बेगम मुमताज की याद में ताज को बनवाया, उसी शहंशाह के मकबरे में उनकी ही कब्रों को सही रख-रखाव का इंतजार है। केवल ताज की चमक ही नहीं पीली पड़ रही है बल्कि भूमिगत कब्रें और कब्र वाला कमरा भी काला पड़ रहा है। शहंशाह के उर्स के दौरान जब शाहजहां और मुमताज की कब्रों वाले भूमिगत कमरे को तीन दिनों के लिए खोला गया तो यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। (रिपोर्ट: अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला आगरा)

ताजमहल के एक और सच से उठा पर्दा, मामला कब्रों का है

tajmahal in worst condition

बेहतरीन इनले वर्क वाली शाहजहां और मुमताज की भूमिगत कब्रों के साल भर बंद रहने से नमी का असर मार्बल पर पड़ रहा है। इससे दीवारों पर गुस्ल के बाद तीन दिनों तक पानी बहता दिखा। कब्रों के कमरे में संगमरमर की दीवारें काली और कब्रें भी खराब हो रही हैं। मुख्य गुंबद के नीचे 24 सीढ़ियां उतरने पर कब्रों के कमरे में चंद पल गुजारना भी मुश्किल है।

ताजमहल के एक और सच से उठा पर्दा, मामला कब्रों का है

tajmahal in worst condition

एएसआई ने मार्बल की सीढ़ियों पर लकड़ी के कवर लगा दिए, जिससे उनकी सफाई-धुलाई भी बंद हो गई है। अब इसके संरक्षण की दरकार है। एएसआई के पूर्व निदेशकों का मानना है कि वेंटिलेशन न होने और पूरे साल बंद रहने से ऐसा असर पड़ा है।

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tajmahal in worst condition

1864 में नार्थ वेस्टर्न प्रोविंस के इंस्पेक्टर जनरल हास्पीटल्स डा. मुरे ने यह रिपोर्ट दी कि 1857-58 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम केदौरान मुख्य गुंबद के अष्टकोणीय चैंबर की अंदरूनी दीवारों, जालियों और मुख्य कब्रों के इनले वर्क को जो नुकसान पहुंचा, उसका संरक्षण कराया जा चुका है। इसके बाद 1899-1900 में शहंशाह शाहजहां की कब्र के ऊपरी हिस्से में हुए बेहतरीन इनले वर्क को बदला गया।

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ताजमहल के एक और सच से उठा पर्दा, मामला कब्रों का है

tajmahal in worst condition

1978 में कब्रों के उत्तर पश्चिमी दीवार पर पानी से खराब हुए संगमरमर को निकाल कर नए टुकड़े लगाए गए। 1986 में मुख्य गुंबद के शीशमहल में खराब हुए लाइम प्लास्टर, संगमरमर, अरबी में लिखे गए ब्लैक स्टोन वाले मार्बल पैनल और पीले-काले मार्बल के बार्डर को भी नए सिरे से लगाया गया।

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