सवाल सुनते ही गुस्से में नीरू बोली, 'देवी हूं मैं, ज्यादा सवाल न करो'
पिनाहट के गांव अमरसिंह का पुरा में सोमवार को बालिका नीरू 14 वर्षीय द्वारा जीवित अवस्था में जमीन के अंदर समाधि लेने की सूचना पर आला अधिकारियों में हड़कम्प मच गया था। जिसके चलते मंगलवार सुबह स्वास्थ्य विभाग की टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पिनाहट अधीक्षक मनीष गुप्ता के नेतृत्व में गांव पहुंची और समाधि लेने वाली बालिका का मेडिकल परीक्षण किया गया।
इंद्रेश तोमर/अमर उजाला, पिनाहट (आगरा)
सवाल सुनते ही गुस्से में नीरू बोली, 'देवी हूं मैं, ज्यादा सवाल न करो'
ब्लड प्रेशर ,रक्त के नमूने आदि चेक-अप कर अधीक्षक ने नीरू को नीबू पानी पिलाया। वहीं पुलिस ने उस बालिका को मंदिर से उठाकर घर में नजर बन्द कर, सख्त पहरा लगा दिया है और परिजनों को हिदायत दी है कि किसी को भी बालिका से नहीं मिलाया जाए।
सवाल सुनते ही गुस्से में नीरू बोली, 'देवी हूं मैं, ज्यादा सवाल न करो'
दूसरी ओर इस पूरे मामले में पुलिस ने बालिका के पिता पर मुकदमा दर्ज करने का मन बनाया है। वहीं दूसरी ओर बालिका को माता मान बैठे ग्रामीण सुबह मंदिर में माता के दर्शन करने पहुंचे तो वहां माता को ना पाकर मायूस लौटना पड़ा। वहीं पुलिस की इस कार्य प्रणाली से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। दूसरी ओर बालिका की स्वास्थ्य जांच करने वाले डॉक्टर मनीष गुप्ता ने बताया कि बालिका स्वस्थ है और खतरे की कोई बात नहीं है।
सवाल सुनते ही गुस्से में नीरू बोली, 'देवी हूं मैं, ज्यादा सवाल न करो'
जहां एक ओर ‘डिजिटल इंडिया’ का सपना है, तो दूसरी तरफ अंधविश्वास के मेले भी कम नहीं। बालिका से जुड़ा हुआ ये पूरा मामला सोमवार को सामने आया। जब पिनाहट के दलित बहुल गांव अमरसिंह पुरा में अंधविश्वास का ऐसा ही मेला लगा। 15 साल की नीरू को देवी रूप बताकर सुबह पांच बजे जलसमाधि देने की तैयारी थी। लेकिन ऐन वक्त पर पुलिस के आने से उसकी जान बची। इसी अंधविश्वास के अभिशाप में वह आठ सालों से एक छोटे से मंदिर की कैदी बनी हुई है। वर्ष 2002 में आई फिल्म प्रथा की पटकथा अमरसिंह पुर में रीयल लाइफ में उतारी जा रही है।
सवाल सुनते ही गुस्से में नीरू बोली, 'देवी हूं मैं, ज्यादा सवाल न करो'
पूर्व माध्यमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हरी सिंह (64) की सात बेटियों और दो बेटों में पांचवें नंबर की नीरू को सोमवार सुबह पांच बजे गंगाजल और दूध से नहलाया गया। लाल जोड़ा पहनाकर शृंगार किया गया। पूजा-अर्चना के बाद गांव के तालाब में उसे जल समाधि देने की तैयारी हो ही रही थी कि सूचना पाकर पिनाहट थाने की पुलिस आ गई। पुलिस ने नीरू को फिर से मंदिर पहुंचवाया। हरी सिंह का कहना है कि सात दिन पहले नीरू ने उन्हें बताया कि देवी ने सपने में आकर उससे ऐसा करने को कहा है।