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'नासमझ' मंत्री को छात्राओं ने पढ़ाया पाठ, तस्वीरें

Fri, 27 Nov 2015 03:02 PM IST
गीता पांडे बीबीसी संवाददाता
गीता पांडे बीबीसी संवाददाता Updated Fri, 27 Nov 2015 03:02 PM IST
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'नासमझ' मंत्री को छात्राओं ने पढ़ाया पाठ, तस्वीरें

Students taught lesson to Smiriti Irani

केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के भारत में महिलाओं को पूरी स्वतंत्रता है वाले बयान के बाद महिला छात्रों ने उनका विरोध शुरू कर दिया है। इनमें से कुछ मंगलवार को दिल्ली में स्मृति ईरानी के ऑफिस के बाहर जमा हुईं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हॉस्टलों के नियम पढ़ने शुरू कर दिए और नारे लगाने लगीं। वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी और पुलिसवाले यह सब देख रहे थे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि इनसे कैसे निपटा जाए।(गीता पांडे बीबीसी संवाददाता)


'नासमझ' मंत्री को छात्राओं ने पढ़ाया पाठ, तस्वीरें

Students taught lesson to Smiriti Irani

छात्राओं ने स्मृति ईरानी के लिए एक तोहफा भी छोड़ा, जिसमें हॉस्टल के नियमों की किताब रखी थी। 24 साल की कॉलेज छात्रा अविप्शा दास कहती हैं "स्मृति ईरानी के मंत्रालय के कॉलेज हॉस्टलों में छात्राओं को हर दिन कहा जाता है कि हमें कहां जाना है, कब जाना है, किससे मिलना है, कहां ठहरना है, क्या खाना है, क्या पहनना है, किससे बात करनी है और किससे प्रेम करना है?" अविप्शा दास कहती हैं, "यह सूची बहुत लंबी है, हम तो उनकी अनुमति के बगैर अपने कमरे में एक पोस्टर भी नहीं चिपका सकते।" अविप्शा के मुताबिक जिस देश में महिलाओं के ऊपर इतना सामाजिक दबाव हो और जिनके साथ ऐसा भेदभाव होता हो, वहां एक मंत्री का इस तरह का बयान नासमझी है।

'नासमझ' मंत्री को छात्राओं ने पढ़ाया पाठ, तस्वीरें

Students taught lesson to Smiriti Irani

वो कहती हैं "यह मंत्री के लिए सूचना और जानकारी से भरा एक अनमोल तोहफा है। हमें उम्मीद है कि इसे पढ़ने के बाद शायद वह समझदार बन जाएं।" अविप्शा दास के साथ ही कुछ और प्रदर्शनकारी 'पिंजड़ा तोड़' आंदोलन की सदस्य हैं। ये लोग उस अजीब पुरुष मानसिकता से खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं, जिसने हॉस्टल में रहने वाली महिलाओं पर पाबंदियां लगा रखी हैं। अमरीकी पत्रकार टीना ब्राउन के साथ बातचीन में स्मृति ईरानी ने कहा था, "मुझे नहीं लगता कि भारत में महिलाओं को कोई यह कहता है कि किस तरह का कपड़ा पहनना है, कैसे पहनना है, किससे मिलना है या कहां मिलना है?''

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Students taught lesson to Smiriti Irani

स्मृति ईरानी ने कहा था कि उन्हें नहीं लगता कि महिलाओं पर कोई हुक्म चलाता है। स्मृति ईरानी ने पिछले हफ्ते दिल्ली में 'वूमन एंड वर्ल्ड' सम्मेलन में यह बयान दिया था। स्मृति ईरानी पहले एक टीवी कलाकार रह चुकी हैं और हाई-प्रोफाइल मंत्री हैं। उनके पास मानव संसाधन विकास मंत्रालय है जो देश में कई स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी चलाता है।उनके इस बयान ने कई लोगों को हैरत में डाल दिया है कि भारत में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव से वह अनजान क्यों बन रही हैं?

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भारत में हर जगह लड़कियों और महिलाओं को मां-बाप, पति, ससुराल, पड़ोसी, शिक्षक, रिश्तेदार और हॉस्टल वार्डन तक यह कहता है कि वो क्या पहन सकती हैं और क्या नहीं।भारत के कई गांवों में मौजूद ताकतवर खाप पंचायतों से यह सुनने को मिलता है कि महिलाएं पश्चिमी कपड़े नहीं पहन सकती।

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