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सोशल मीडिया में बोलने पर कब-कब जाना पड़ा जेल

Tue, 24 Mar 2015 03:14 PM IST
Updated Tue, 24 Mar 2015 03:14 PM IST
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सोशल मी‌डिया में बोलने पर कब-कब जाना पड़ा जेल

Social media arrest on article 66A.

सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर की गई टिप्पणी के बाद गिरफ्तारी के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने धारा 66A को निरस्त करने का फैसला सुनाया है। इसके साथ ही अब फेसबुक-ट्विटर पर कोई भी कमेंट करने पर आनन-फानन में किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं सकेगी।


सोशल मी‌डिया में बोलने पर कब-कब जाना पड़ा जेल

Social media arrest on article 66A.

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पहले सोशल साइट्स खासकर फेसबुक में कमेंट करने को लेकर कई लोगों पर कार्रवाई की गई। कुछ मामलों में गिरफ्तारी भी हुई।

सोशल मी‌डिया में बोलने पर कब-कब जाना पड़ा जेल

Social media arrest on article 66A.

सोशल साइट्स पर कमेंट के खिलाफ कार्रवाई का मामला साल 2012 में देश की सर्वोच्च अदालत पहुंचा था। जब शिवसेना के नेता बाल ठाकरे के निधन के बाद मुंबई के ताजा हालात पर वहां की दो छात्राओं ने फेसबुक पर कुछ कमेंट किया था। जिसको लेकर हंगामा बढ़ा और दोनों छात्राओं को गिरफ्तार कर लिया गया।

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सोशल मी‌डिया में बोलने पर कब-कब जाना पड़ा जेल

Social media arrest on article 66A.

बाल ठाकरे को लेकर फेसबुक पर कमेंट करने वाली रिनू श्रीनिवासन ने सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वो कोर्ट के फैसले से बेहद खुश हैं। आखिरकार उन्हें दो साल बाद न्याय मिला है।

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सोशल मी‌डिया में बोलने पर कब-कब जाना पड़ा जेल

Social media arrest on article 66A.

कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी भी ऐसे ही मामले में फंसे थे। उन पर साल 2011 में अन्ना हजारे की रैली के दौरान संविधान मजाक उड़ाते हुए कार्टून बनाने और पोस्ट करने के आरोप लगे थे। जिसमें मुंबई पुलिस ने उन पर देशद्रोह का आरोप लगाते हुए गिरफ्तार कर लिया।

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