एक समय था जब हमनें क्रेडिट कार्ड एडिक्शन,डेट ट्रैप या शोपोहोलिक शब्द सुने भी नहीं थे। अब यह शब्द आम ही नहीं हो गए हैं बल्कि इतनी तेजी से खतरे के रूप में हमारी ओर बढ़ रहे हैं,जैसा हमने सोचा भी नहीं होगा। अभी सामान खरीदकर बाद में दाम चुकाने में आज के युग की आम बात हो चली है,लेकिन ये तभी तक ठीक है जब तक की हमें ये अपना आदी न बना ले। क्रेडिट कार्ड की लिमिट तक खर्च करना कभी कभार या इमरजेंसी में तो ठीक है,लेकिन ये प्रक्रिया जल्दी-जल्दी होने लगे तब चिंता की बात है। यह आपके सिबिल रिकॉर्ड को भी खराब करता है।
अगर आप करते हैं ये काम, तो हो गये हैं क्रेडिट कार्ड के आदी
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 06 Mar 2016 12:38 AM IST
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अगर आप करते हैं ये काम, तो हो गये हैं क्रेडिट कार्ड के आदी
अगर आप करते हैं ये काम, तो हो गये हैं क्रेडिट कार्ड के आदी
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