भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में बुधवार का दिन शायद काले अक्षरों में लिखा जाएगा। देश के माननीयों ने संसद और विधानसभा में ऐसी हरकतें की, कि देश का सिर शर्म से झुक गया।
बेशर्म माननीय! थप्पड़, नग्न प्रदर्शन, बेझिझक धक्का...
Updated Wed, 19 Feb 2014 08:10 PM IST
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बेशर्म माननीय! थप्पड़, नग्न प्रदर्शन, बेझिझक धक्का...
बेशर्म माननीय! थप्पड़, नग्न प्रदर्शन, बेझिझक धक्का...
बेशर्म माननीय! थप्पड़, नग्न प्रदर्शन, बेझिझक धक्का...
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