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23 साल बाद फिर हरे हुए जख्म

Fri, 21 Feb 2014 12:45 AM IST
Updated Fri, 21 Feb 2014 12:45 AM IST
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23 साल बाद फिर हरे हुए जख्म

rajiv gandhi assassination

21 मई 1991, इसी मनहूस तारीख को तमिलनाडु में चेन्नई के पास श्रीपेरंबदूर में एक चुनावी रैली के दौरान आत्मघाती धमाका हुआ था।

23 साल बाद फिर हरे हुए जख्म

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इसी आत्मघाती धमाके में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी समेत 13 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी।

23 साल बाद फिर हरे हुए जख्म

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राजीव गांधी की हत्या के समय राहुल गांधी महज 21 साल के थे।
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23 साल बाद फिर हरे हुए जख्म

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इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सांतन, मुरुगन, पेरारिवलन और नलिनी को मौत की सजा सुनाई थी। सोनिया गांधी की अपील के बाद नलिनी की फांसी को आजीवन कारावास में बदल दिया गया। (फोटो: अमित गुप्ता)

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23 साल बाद फिर हरे हुए जख्म

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बाद में सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी हत्याकांड में तीन लोगों को दी गई फांसी की सजा को उम्रकैद में तब्दील कर दिया। (फोटो: अमित गुप्ता)

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