{"_id":"a7ef031315816b1f119bfeed95c75f3d","slug":"prime-minister-narendra-modi-in-china-on-three-day","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"चीनी राष्ट्रपति के शहर में ऐसे हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत, तस्वीरें","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
चीनी राष्ट्रपति के शहर में ऐसे हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत, तस्वीरें
Thu, 14 May 2015 03:36 PM IST
Updated Thu, 14 May 2015 03:36 PM IST
विज्ञापन
चीनी राष्ट्रपति के शहर में ऐसे हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत, तस्वीरें
1 of 18
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन दिवसीय चीन दौरे की शुरुआत हो चुकी है। दौरे की शुरुआत उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पैतृक गांव शियान से की है। गुरुवार को एयर इंडिया के विशेष विमान से उतरते प्रधानमंत्री की ये तस्वीर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकाश स्वरूप ने ट्विटर पर शेयर की है।
चीनी राष्ट्रपति के शहर में ऐसे हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत, तस्वीरें
2 of 18
शियान एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया गया। बानगी आप तस्वीर में चीनी सैनिक के पीछे लगे पोस्टर में देख सकते हैं, जिसमें हिंदी में लिखा है-शान्शी में आपका स्वागत। पृष्टभूमि में ताजमहल भी है।
चीनी राष्ट्रपति के शहर में ऐसे हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत, तस्वीरें
3 of 18
चीन ने प्रधानमंत्री के लिए लाल कालीन बिछाया। एयरपोर्ट पर चीनी कलाकारों ने पारंपरिक शैली में नृत्य पेश कर स्वागत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
चीनी राष्ट्रपति के शहर में ऐसे हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत, तस्वीरें
4 of 18
प्रधानमंत्री नरेंद मोदी यात्रा के पहले चरण में चीन के एतिहासिक टेराकोटा म्यूजियम ऑफ एंटिक्विटी घूमने गए। प्रधानमंत्री की ये तस्वीर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्विटर पर शेयर की है।
विज्ञापन
चीनी राष्ट्रपति के शहर में ऐसे हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत, तस्वीरें
5 of 18
म्यूजियम में टेरोकटा से बने सैनिक और घोड़ों को रखा गया है। ये सैनिक और घोड़े चीन के पहले शासक किन शी हुआंग की सेना के प्रतीक हैं। टेराकोटा की इन मूर्तियों को 210-209 इसा पूर्व किन शी हुआंग के साथ ही दफन किया गया था। 1974 में सियान में खुदाई में इन मूर्तियों का पता चला।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।