देश में बेशक रामलीलाएं सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बनी हुई हों, लेकिन दिल्ली के सुभाष मैदान में रावण दहन कार्यक्रम शीर्ष नेताओं के बीच ‘राजनीतिक सौहार्द’ का गवाह बना।
'रावण दहन है मोदी जी, आज तो बात कर लीजिए'
Updated Sat, 04 Oct 2014 12:43 PM IST
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'रावण दहन है मोदी जी, आज तो बात कर लीजिए'
'रावण दहन है मोदी जी, आज तो बात कर लीजिए'
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