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मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?

Mon, 22 Sep 2014 07:48 PM IST
Updated Mon, 22 Sep 2014 07:48 PM IST
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मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?

photograps animals on road of varanasi

काशी में एक कहावत कही जाती है, 'रांड, सांड, सीढ़ी, सन्यासी। इनसे बचे तो सेवे काशी।' अगर आपने काशी नहीं भी देखी होगी है तो ये तस्वीर उस कहावत का मतलब समझा देगी। (सभी फोटोः अनूप ओझा, वाराणसी)



मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी संसदीय सीट वाराणसी, जिसे काशी भी कहते हैं को जापान के शहर क्योटो जैसा बनाने का सपना देखा है।

मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काशी की हेरिटेज को संरक्षित करने के लिए जापान से करार किया है।

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मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?

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जापान के शहर क्योटो के तर्ज पर काशी के मंदिरों को सहेजने और विकास करने की योजना है।

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मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?

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लेकिन सोमवार को सोनारपुरा-भेलूपुर मार्ग पर जैसा नजारा दिखा, उसे देख बस एक ही सवाल मन में उठा कि क्या ऐसे ही काशी, क्योटो बनेगी?

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