काशी में एक कहावत कही जाती है, 'रांड, सांड, सीढ़ी, सन्यासी। इनसे बचे तो सेवे काशी।' अगर आपने काशी नहीं भी देखी होगी है तो ये तस्वीर उस कहावत का मतलब समझा देगी। (सभी फोटोः अनूप ओझा, वाराणसी)
मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?
Updated Mon, 22 Sep 2014 07:48 PM IST
विज्ञापन
मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?
मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?
मोदीजी, ऐसे में काशी कैसे बन पाएगी क्योटो?
विज्ञापन
विज्ञापन