हाईटेक तकनीक की मदद से ऐसे डाटा चुराता था पाकिस्तानी जासूस इजाज
पाक जासूस इजाज को तकनीकी रूप से महारथ हासिल है। वह मोबाइल हैंडलिंग के अलावा डाटा चुराने के लिए हाईटेक तकनीक का इस्तेमाल करता है। जिसके जरिए वह सामने वाले की जानकारी के बिना ही लैपटॉप-कंप्यूटर से आसानी से डाटा चुरा सकता है।
हाईटेक तकनीक की मदद से ऐसे डाटा चुराता था पाकिस्तानी जासूस इजाज
सैन्य सूत्रों की मानें तो फौजियों के पास से डाटा निकालने के लिए संभव है, उसने बेहतर तकनीक का इस्तेमाल किया हो। एसटीएफ
की पूछताछ में सामने आ चुका है कि पाक जासूस मोहम्मद इजाज
फोटाग्राफी-वीडियोग्राफी के साथ मिक्सिंग में भी माहिर है। (तस्वीर में एजाज के ससुराल के लोग)
हाईटेक तकनीक की मदद से ऐसे डाटा चुराता था पाकिस्तानी जासूस इजाज
फोटोग्राफी के
हुनर के जरिए ही उसने बरेली छावनी निवासी एक फोटोग्राफर से पहले दोस्ती की
और फिर उसके जरिए बरेली छावनी के कार्यक्रम में जाने लगा। वहीं पर उसने
फोटो देने और फोटो खींचने के बहाने अफसरों से मिलना शुरू किया। (तस्वीर में एजाज का कमरा)
हाईटेक तकनीक की मदद से ऐसे डाटा चुराता था पाकिस्तानी जासूस इजाज
सैन्य
सूत्रों की मानें तो संभावना है कि सैन्य तंत्रों और सैन्य छावनियों से
जुड़ा डाटा चुराने के लिए उसने हाईटेक उपकरण का इस्तेमाल किया हो। एक सैन्य
अधिकारी ने बताया कि इस तरह के जासूस डाटा माइनिंग मॉलवेयर सॉफ्टवेयर का
इस्तेमाल करते हैं। (एजाज के ससुराल की तस्वीर)
हाईटेक तकनीक की मदद से ऐसे डाटा चुराता था पाकिस्तानी जासूस इजाज
निश्चित तौर पर यह महंगा साफ्टवेयर है, लेकिन आईएसआई के
लिए अपने एजेंट को यह उपलब्ध कर एप को पेन ड्राइव में इंस्टॉल किया जाता
है। यह एक तरह का वाइरस होता है। जो वैसे तो निष्क्रिय मोड में रहता है,
लेकिन जैसे ही इस पेन ड्राइव को लैपटॉप-कंप्यूटर में लगाया जाएगा, वह खुद
ही चंद सेकेंड में पूरा डाटा कॉपी कर लेगा।