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देखिए भोपाल कार्निवाल में किन्नरों के जलवे

Fri, 15 Aug 2014 10:19 AM IST
Updated Fri, 15 Aug 2014 10:19 AM IST
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देखिए भोपाल कार्निवाल में किन्नरों के जलवे

kinner carnival in bhopal

किंवदंती है कि भोपाल में राजा भोज के शासन में जब सूखा और अकाल पड़ा तो ज्योतिषाचार्य ने अकाल से मुक्ति पाने के लिए राजा भोज से किन्नरों को भुजरिया करने का आग्रह करने को कहा, तभी से यह परंपरा भोपाल में चली आ रही है।

देखिए भोपाल कार्निवाल में किन्नरों के जलवे

kinner carnival in bhopal

भुजरिया की तैयारी राखी से क़रीब 12 दिन पहले से की जाने लगती है। गेहूं के दानों को छोटे-छोटे पात्रों के अंदर मिट्टी में अंकुरित होने के लिए रख दिया जाता है। ये हरे पौधे शांति और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं।

देखिए भोपाल कार्निवाल में किन्नरों के जलवे

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सिर पर भुजरिया उठाए हुए किन्नरों की यह तस्वीर भोपाल की है, जहां हर साल राखी के दो दिन बाद भुजरिया पर्व मनाया जाता है।

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देखिए भोपाल कार्निवाल में किन्नरों के जलवे

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भोपाल की सड़कों से गुजरने वाले इस जुलूस में सारंगी और ढोलक की थाप पर मंगल गीतों पर झूमते हुए किन्नरों की टोलियां जब निकलती हैं तो लोग देखते रह जाते हैं।

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परंपरागत शैली के पहनावे के साथ साथ अब आधुनिकता का रंग भी इस पर चढ़ गया है। जहां एक और साड़ी दिखती है वहीं दूसरी तरफ पाश्चात्य शैली के ड्रेस को भी तरजीह दी जाने लगी है।

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