'अम्मा' की ताजपोशी में 'हरे रंग का टोटका' और राष्ट्रगान का अपमान
अन्नाद्रमुक सुप्रीमो जयललिता ने पांचवीं बार तमिलनाडु की कमान संभाल ली है। शनिवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का राज्य भर में उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। इस दौरान, हरे रंग के टोटके और शुभ मुहूर्त के चक्कर में राष्ट्रगान का अपमान करने से विवाद खड़ा हो गया है।
'अम्मा' की ताजपोशी में 'हरे रंग का टोटका' और राष्ट्रगान का अपमान
जयललिता सुबह 10:37 बजे घर से निकलीं। ठीक 11 बजे वह सभागार पहुंची। इसके बाद 22 मिनट में शपथग्रहण संबंधी सारी औपचारिकताएं पूरी हो गईं। बेहद खास मौके पर हरे रंग का ‘टोटका’ किया। वह हरे रंग की साड़ी पहने हुई थीं। शपथ-ग्रहण समारोह में मंच की सजावट हरे रंग से की गई थी। जयललिता ने हरे रंग के रत्न वाली अंगूठी भी पहन रखी थी। शपथ लेने के बाद उन्होंने हस्ताक्षर भी हरे रंग की कलम से किया।
'अम्मा' की ताजपोशी में 'हरे रंग का टोटका' और राष्ट्रगान का अपमान
मद्रास यूनिवर्सिटी के सभागार में आयोजित समारोह में जयललिता के शपथ लेने से पहले राष्ट्रगान की जगह तमिलनाडु का राज्यगान बजाया गया। इसके बाद राष्ट्रगान बजाया गया। फिर उसे बीच में ही रोक दिया गया।
'अम्मा' की ताजपोशी में 'हरे रंग का टोटका' और राष्ट्रगान का अपमान
राज्यपाल के रोसैया ने 67 वर्षीय जयललिता को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ 28 अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की। यहां मद्रास विश्वविद्यालय शताब्दी सभागार में आयोजित एक सादा समारोह में उन्होंने तमिल भाषा में ईश्वर के नाम पर शपथ ली।
'अम्मा' की ताजपोशी में 'हरे रंग का टोटका' और राष्ट्रगान का अपमान
शपथग्रहण समारोह में लोकसभा के उपाध्यक्ष एम थंबीदुरई, भाजपा के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय मंत्री पी राधाकृष्णन, दक्षिण भारत के सुपर स्टार रजनीकांत, अभिनेता शिवकुमार और आईसीसी के चेयरमैन एन श्रीनिवासन भी मौजूद रहे।