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अंतरिक्ष में भारत की एक और छलांग, 5 ब्रिटिश उपग्रह लांच
Fri, 10 Jul 2015 11:59 PM IST
Updated Fri, 10 Jul 2015 11:59 PM IST
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अंतरिक्ष में भारत की एक और छलांग, 5 ब्रिटिश उपग्रह लांच
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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कामयाबी की एक और कहानी लिखी है। अब तक की सबसे बड़ी व्यावसायिक लांचिंग करते हुए इसरो ने पीएसएलवी सी-28 रॉकेट की मदद से पांच ब्रिटिश उपग्रहों को सफलतापूर्वक सूर्य समकालिक (सन-सिंक्रोनस) कक्षा में स्थापित कर दिया। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से शुक्रवार रात ठीक 9.58 बजे पीएसएलवी सी-28 का प्रक्षेपण हुआ और यह 1440 किलोग्राम के पांच ब्रिटिश उपग्रहों को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में ले गया।
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प्रक्षेपण के ठीक 20 मिनट बाद इन सेटेलाइटों को उनकी ऐच्छिक कक्षा में स्थापित कर दिया गया। इससे पहले, इसरो यानी भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद ने 30 जून 2014 को फ्रांस के 712 किलो के उपग्रह को अंतरिक्ष में छोड़ा था। इस सफल प्रक्षेपण के बाद वैज्ञानिकों के जश्न के बीच इसरो के चेयरमैन किरण कुमार ने कहा, ‘यह एक अद्भुत मिशन है। हमने सफलतापूर्वक इसे पूरा किया है।’ पोलर सेटेलाइट लांच व्हीकल (पीएसएलवी) का यह 30वां मिशन था।
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पीएसएलवी-सी28 ने तीन डीएमसी3 ऑप्टिकल उपग्रहों को प्रक्षेपित किया। इनका निर्माण ब्रिटेन की सूरे सेटेलाइट टेक्नोलॉजी लिमिटेड ने किया है। डीएमसी3 उपग्रहों में प्रत्येक का वजन का 447 किलोग्राम था। पीएसएलवी ब्रिटेन के दो सहायक उपग्रहों सीबीएनटी-1 और डी-ऑर्बिट सेल को भी ले गया। सीबीएनटी-1 एक पृथ्वी के अवलोकन का लघु तकनीक प्रदर्शक उपग्रह है और इसका निर्माण एसएसटीएल ने किया है। डी-ऑर्बिटसेल एक सूक्ष्मतम (नैनो) तकनीक प्रदर्शक उपग्रह है और इसका निर्माण सूरे स्पेस सेंटर ने किया है।
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