तस्वीरें: जालौन में जन्मा ‘भारत का सबसे वजनी’ बच्चा
भारत में अब तक के सबसे वजनी बच्चे का जन्म उरई में हुआ। यहां की डॉ. अंजना गुप्ता के नर्सिंग होम में जन्मे इस बच्चे का वजन साढ़े छह किलो है और लंबाई 60 सेंटीमीटर है। [हेमंत चौरसिया, ब्यूरो/अमर उजाला, उरई (जालौन)]
तस्वीरें: जालौन में जन्मा ‘भारत का सबसे वजनी’ बच्चा
नॉर्मल डिलीवरी से हुआ बच्चा और इसकी जननी फिरदौस पूरी तरह स्वस्थ हैं। इससे पहले मणिपुर में सीनू देवी ने 2010 में 5.9 किलो के बच्चे को जन्म दिया था, पर इस बच्चे का जन्म ऑपरेशन से हुआ था।
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डिलीवरी कराने वाली डॉ. अंजना गुप्ता ने कहा कि यदि महिला का शुगर लेवल हाई हो तो साढ़े चार किलो तक का बच्चा हो सकता है। कई मामलों में बच्चे का वजन पांच किलो तक हो जाता है, पर यह केस अपने आप में अनोखा है। उन्होंने दावा किया कि अपने 30 साल के मेडिकल कैरियर में उन्होंने आज तक ऐसा केस नहीं देखा।
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मां फिरदौस को जरा भी अनुमान नहीं था कि उसकी गर्भ में पल रहा बच्चा भारत का सबसे वजनी बच्चा होगा। कदौरा ब्लाक के गुलौली गांव की फिरदौस ने बताया कि उसने इसके पहले आठ बच्चों को जन्म दिया, जिसमें एक की मौत हो गई। यह नवां बच्चा है।
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पहले की सभी डिलीवरी घर पर हुईं और बच्चे काफी स्वस्थ हुए, पर इस डिलीवरी में उन्हें थोड़ी परेशानी हुई। करीब साढ़े छह बजे परेशानी होने पर परिजन उन्हें उरई ले आए, जहां डॉ. अंजना गुप्ता ने नार्मल डिलीवरी कराई। डिलीवरी कराने वाली उरई की डॉ. अंजना गुप्ता ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इतना वजनी बच्चा नहीं देखा। उन्होंने कहा कि आम तौर पर पौने तीन से सवा तीन किलो तक बच्चे ही पैदा होते हैं।