मैया लाला कू डांटैं, तैने माटी क्यों खाई, लाला बोलै, मैया मैंने नाय खाई। अच्छा तौ जे सब झूठ बोलैं। सही था, कनुआ नै माटी नाय चखी, ब्रज रज कौ रसपान कियो। वो ही रस या पुस्तक मै आपकू मिलैगौ क्योंकि जे रस ब्रज रज कौ है। इस रज में गोपी, गोपिकाओं, ब्रजवासियों के पगों का रस सिंचित है। यह पुस्तक ब्रज की भौगोलिक भागवत है। (अमर उजाला ब्यूरो, मथुरा)
जब हेमा मालिनी ने खड़े कर दिए हाथ, देखिए तस्वीरें
Updated Thu, 20 Aug 2015 02:43 AM IST
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जब हेमा मालिनी ने खड़े कर दिए हाथ, देखिए तस्वीरें
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