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गंगा महोत्सव की आखिरी निशा बनीं यादगार, गवर्नर भी पहुंचे

Wed, 25 Nov 2015 04:36 AM IST
Updated Wed, 25 Nov 2015 04:36 AM IST
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गंगा महोत्सव की आखिरी निशा बनीं यादगार, गवर्नर भी पहुंचे

Ganga Mahotsav in Varanasi, governor attends program
गंगा के पावन तट पर मंगलवार की शाम शास्त्रीय रागों, आलापों के साथ ही पारंपरिक लोक धुनों से परवान चढ़ी।

गंगा महोत्सव की आखिरी निशा बनीं यादगार, गवर्नर भी पहुंचे

Ganga Mahotsav in Varanasi, governor attends program

युवा सितार वादक निलाद्री कुमार ने राग श्री की अवतारणा से गंगा महोत्सव की अंतिम निशा की शुरुआत की।

गंगा महोत्सव की आखिरी निशा बनीं यादगार, गवर्नर भी पहुंचे

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जानी मानी शास्त्रीय गायिका बेगम परवीन सुल्ताना ने शास्त्रीय बंदिश को कठिन राग पूरिया धनाश्री में निबद्ध किया तो ठुमरी के अंदाज में फिल्मी नगमा उतार कर नई पीढ़ी के मन की गहराइयों को छूने की कोशिश की।

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गंगा महोत्सव की आखिरी निशा बनीं यादगार, गवर्नर भी पहुंचे

Ganga Mahotsav in Varanasi, governor attends program

दिल्ली से आए डॉ. राजा-राधा रेड्डी की टीम ने कुचिपुड़ी नृत्य से समा बांधा। कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।

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गंगा महोत्सव की आखिरी निशा बनीं यादगार, गवर्नर भी पहुंचे

Ganga Mahotsav in Varanasi, governor attends program

कुचिपुड़ी नृत्य में जहां पारंपरिक भावों के साथ ही शास्त्रीय पुट साकार हुए, वहीं सितार के तारों के साथ लोगों का तन-मन भी खूब झंकृत हुआ।

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