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'पिता' नरेंद्र मोदी के भरोसे नहीं हैं धर्मपुत्र जीत के सपने

Mon, 12 Jan 2015 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत Updated Mon, 12 Jan 2015 10:07 AM IST
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'पिता' नरेंद्र मोदी के भरोसे नहीं हैं धर्मपुत्र जीत के सपने

dreams of adopted son of narendra modi jeet.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिसे अपना बेटा मानते हों, उसे भला और क्या चाहिए, लेकिन जीत सी सारू ऐसा नहीं सोचते। पीएम के इस धर्मपुत्र का सपना तो कामयाबी के आसमान पर उड़ने का ही है, लेकिन किसी के सहारे से नहीं, बल्कि अपने दम पर अपने पैरों से।

'पिता' नरेंद्र मोदी के भरोसे नहीं हैं धर्मपुत्र जीत के सपने

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जीत कहते हैं, देख लेना, मैं एक दिन निशानेबाजी में नाम कमाऊंगा। सपने को सच करने के लिए जीजान लगा दूंगा। उसे इस बात का भी गिला नहीं कि मोदी के पीएम बनने के बाद उनसे मुलाकात नहीं हो पाती है। उसके लिए तो यही बड़ी बात है कि मोदी उसकी पढ़ाई-लिखाई में कुछ कमी नहीं आने देते हैं।

'पिता' नरेंद्र मोदी के भरोसे नहीं हैं धर्मपुत्र जीत के सपने

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जौहड़ी शूटिंग रेंज में निशानेबाजी में महारथ हासिल करने पहुंचे जीत सी सारू रविवार को बरनावा में पौराणिक स्थल लाक्षागृह देखने पहुंचे। अमर उजाला से बातचीत में उसने अपने मन की बात खुलकर बयां की।

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'पिता' नरेंद्र मोदी के भरोसे नहीं हैं धर्मपुत्र जीत के सपने

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जीत ने बताया वह अहमदाबाद से बीबीए कर रहा है। नरेंद्र भाई उसे किसी चीज की कमी नहीं आने देते। हालांकि उनसे मुलाकात सिर्फ तीन चार बाद ही हुई है। पीएम बनने के बाद तो सिर्फ एक ही बार। वो भी तब जब वे नेपाल गए थे। जीत ने बताया कि पीएमओ से फोन पर कहा गया कि तुम्हें भी नेपाल चलना है और मैं चल दिया।

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जीत तुम मोदी से क्या उम्मीद करते हो। इस सवाल पर जवाब मिलता है, कुछ नहीं, मैं अपने दम पर आगे बढ़ना चाहता हूं, फिलहाल निशानेबाजी पर पूरा ध्यान लगा रहा हूं।

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