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पैराजंपिंग में हवा भी न रोक सकी धोनी की ‘हैट्रिक ’

Fri, 21 Aug 2015 02:22 AM IST
Updated Fri, 21 Aug 2015 02:22 AM IST
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पैराजंपिंग में हवा भी न रोक सकी धोनी की ‘हैट्रिक ’

dhoni jump and made hat-trick

वर्ल्ड कप 2011 फाइनल में गजब की कप्तानी पारी खेलते हुए छक्का लगाकर जीत दिलाने वाले कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी की जिद और जुनून गुरुवार को पैराजंपिंग में देखने को मिले। सुबह 6.56 बजे दूसरी पैराजंप में उतरते समय हवा अचानक तेज होने पर जमीन पर गिर जाने के बावजूद माही ने हिम्मत नहीं हारी।

पैराजंपिंग में हवा भी न रोक सकी धोनी की ‘हैट्रिक ’

dhoni jump and made hat-trick

शाम छह बजे तीसरी जंप लगाकर अपनी चट्टान सी हिम्मत का लोहा मनवा लिया। आज भी उनकी दो जंप होंगी। इनमें से एक रात में कराई जाएगी। मलपुरा के पैराड्रापिंग जोन में टीम इंडिया के वन डे कैप्टन ने बुधवार सुबह 7.12 बजे 1250 फुट ऊंचाई से कानपुर ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के बने पैराशूट के साथ 58 सेकेंड में अपनी पहली जंप पूरी की थी। गुरुवार को उन्हें एक के बाद एक दो जंप पूरी करनी थी।

पैराजंपिंग में हवा भी न रोक सकी धोनी की ‘हैट्रिक ’

dhoni jump and made hat-trick

सुबह पहली जंप के समय हवा तेज हो गई। उन्हें उतरते समय परेशानी हुई। उनके बाद कूदे दो पैराट्रूपर दूर जा गिरे। एक को तो कंधे में चोट भी लग गई। इसके बावजूद धोनी ने एक ही दिन में दो जंप लगाने का इरादा नहीं छोड़ा। शाम को जैसे ही हवा का दबाव कम हुआ, तीसरी जंप की तैयारी शुरू हो गई।

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पैराजंपिंग में हवा भी न रोक सकी धोनी की ‘हैट्रिक ’

dhoni jump and made hat-trick

माही उस समय वालीबॉल खेल रहे थे। उनसे पूछा गया, आर यू रेडी ? माही ने कहा, यस आई एम। और चल दिए एक बार फिर 1250 फुट ऊंचाई से छलांग लगाने के लिए। उनकी ट्रेनिंग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि उनकी शुक्रवार को एक नाइट जंप समेत दो और जंप होंगी।

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पैराजंपिंग में हवा भी न रोक सकी धोनी की ‘हैट्रिक ’

dhoni jump and made hat-trick

सुबह जब धोनी ने पहली जंप की, तो हवा सामान्य थी। लेकिन दूसरी की तैयारी के वक्त हवा 15 नोटिकल माइल से चलने लगी। इस कारण धोनी को उस समय जंप नहीं कराया गया। पैराजंपिंग के लिए 7-8 नोटिकल माइल की हवा सामान्य मानी जाती है। तेज हवा में पैराशूट कंट्रोल करना मुश्किल होता है।

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