तोगड़िया की सभा से पहले सुलगा यूपी का जहानाबाद, चले ईंट-पत्थर
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में जहानाबाद कस्बे में पिछले साल भी मकर संक्रांति से ठीक पहले सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा था। तब मामला तो जैसे-तैसे शांत हो गया था लेकिन दोनों वर्गों के बीच तनाव बना हुआ था, जिसे प्रशासन ने हल्के में लिया। इस बार भी वैसे ही हालात के बावजूद अफसर नींद में रहे और इतना बड़ा बवाल हो गया। ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर।
तोगड़िया की सभा से पहले सुलगा यूपी का जहानाबाद, चले ईंट-पत्थर
मिश्रित आबादी वाले जहानाबाद में दोनों वर्ग के लोग जुलूस निकाल कर अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हैं। भारी भीड़ के साथ निकाले जाने वाले जुलूसों में एक-दूसरे को ताकत का अहसास कराते हैं। इस दौरान एक-दूसरे को ऊंचा-नीचा दिखाने के प्रयास भी होते हैं। कुछ अराजकतत्वों की इन्हीं हरकतों से सद्भाव के सारे रंग एक पल में बिखर जाते हैं। जहानाबाद कस्बे में पिछले साल भी मकर संक्रांति से ठीक पहले सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा था।
तोगड़िया की सभा से पहले सुलगा यूपी का जहानाबाद, चले ईंट-पत्थर
तब दिवंगत विधायक सैयद कासिम हसन के बेटे आबिद ने मामले को ठंडा किया था। मकर संक्रांति से पहले मुस्लिमों का बारावफात पर्व मनाया जाता है। उसमें भी झंडे जुलूस निकाले जाते हैं। पिछले साल विधायक पुत्र से कुछ लोगों ने बारावफात जुलूस में गाली गलौज करने की शिकायत की थी। इस बात को तेज हवा दी गई और कस्बे में एक समुदाय के लोग इकट्ठा हो गए थे। उनमें काफी आक्रोश भी रहा था। मामले को विधायक पुत्र ने संभाला था और थाना पुलिस के साथ बैठकर बातचीत की थी। इसके बाद दोषी को थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया। इससे शांति सौहार्द कायम हो सका था।
तोगड़िया की सभा से पहले सुलगा यूपी का जहानाबाद, चले ईंट-पत्थर
अभी कुछ दिन पहले भी बारावफात का जोर शोर से जुलूस निकाला गया था। सूत्रों के अनुसार उसी जुलूस की प्रतिद्वंद्विता में संक्रांति पर्व पर जुलूस बढ़चढ़ कर निकाला गया।
तोगड़िया की सभा से पहले सुलगा यूपी का जहानाबाद, चले ईंट-पत्थर
यहां पर दोनों पक्षों में तनाव के हालात को प्रशासन भांप नहीं सका और बड़ी घटना हो गई।