12 कहानियां: 'बाप जी' की कौन नहीं जानना चाहता है?
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म ग्वालियर के मध्य वर्गीय ब्राह्मण परिवार में कृष्णा देवी और कृष्ण बिहारी वाजपेयी के घर 1924 में हुआ। उनके दादा पंडित श्याम लाल वाजपेयी उत्तर प्रदेश के बटेश्वर से ग्वालियर जा बसे थे। उनके पिता कवि और स्कूल मास्टर थे। वाजपेयी की पढ़ाई सरस्वती शिशु मंदिर और ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेज से हुई। उन्होंने हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में 75 फीसदी से ज्यादा अंक पाए थे।
12 कहानियां: 'बाप जी' की कौन नहीं जानना चाहता है?
राजनीति में उनका पहला कदम अगस्त 1942 में रखा गया, जब उन्हें और बड़े भाई प्रेम को भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान 23 दिन के लिए गिरफ्तार किया गया। 1951 में वह भारतीय जनसंघ से जुड़े। वाकपटुता और सांगठनिक मजबूती के दम पर वह जल्द ही जनसंघ का चेहरा बन गए। दीनदयाल उपाध्याय की मृत्यु के साथ ही जनसंघ की जिम्मेदारी नौजवान वाजपेयी के कंधों पर आ गई। वह 1968 में इसके अध्यक्ष बने।
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हैरानी की बात है कि अटल बिजारी वाजपेयी ने लॉ की पढ़ाई अपने पिता के साथ-साथ की। जब अटल ने कानपुर के डीएवी कॉलेज से लॉ में डिग्री करने की इच्छा जताई, तो उनके पिता ने कहा कि वह भी अपने पुत्र के साथ लीगल डिग्री करना चाहते हैं। कानून के छात्रों के रूप में वे दोनों एक साथ होस्टल के कमरे में रहते थे। इस बारे में सोचकर हैरानी हो सकती है कि पिता-पुत्र ने लॉ की पढ़ाई एक साथ, एक सत्र और एक हॉस्टल में रहते हुए पूरी की, लेकिन यह सच है।
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पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एक बार कहा था कि एक रोज अटल बिहारी वाजपेयी को देश का प्रधानमंत्री बनने का मौका जरूर मिलेगा। महात्मा रामचंद्र वीर की अमर कृति विजय पताका ने वाजपेयी की जिंदगी में काफी असर डाला। इसने उनके जीवन को नई दिशा देने का काम किया। इससे पहले 1977 में वह जनता पार्टी सरकार में विदेश मंत्री बने और संयुक्त राष्ट्र संघ के एक सत्र में उन्होंने हिंदी में अपना भाषण दिया।
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अटल बिहारी वाजपेयी इकलौते ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री रहे, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। चार दशकों तक संसद का सदस्य रहे वाजपेयी देश के दसवें प्रधानमंत्री बने और उन्होंने 1998 से 2004 के बीच कार्यभार संभाला। वह नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के लिए चुनकर आए। यह बात सही है कि अटल बिहारी वाजपेयी भाजपा के दिग्गज नेता थे, लेकिन विरोधी दलों के बीच भी उनका अपना खास मुकाम रहा।