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'दोबारा जनादेश लेने आएंगे तब यमुना ऐसी ही नहीं रहेगी'
Thu, 18 Feb 2016 10:01 AM IST
Updated Thu, 18 Feb 2016 10:01 AM IST
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यमुना की निर्मलता गंगा की निर्मलता पर निर्भर है। मोदी सरकार ही यमुना को निर्मल करेगी। जब हम जनता के सामने दोबारा जनादेश लेने आएंगे तब तक ब्रज और यमुना की दशा ऐसी ही नहीं रहेगी। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को वात्सल्य ग्राम में कही। वह यहां चल रहे वात्सल्य महोत्सव को दूसरे दिन मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे। (ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन)
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उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना ही नहीं केंद्र सरकार सभी नदियों की दशा सुधारने को संकल्पबद्ध है। साध्वी ऋतंभरा ने यमुना के समानांतर नाला बनाने के लिए कहा है, वह जरूर बनेगा। धर्म-संस्कृति ही नहीं देश और जनता को भी संतों-संन्यासियों की जिम्मेदारी बताते हुए उन्होंने कहा कि ये समाधान को आगे न आए तो देश-समाज संकटग्रस्त बना रहेगा।
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भाजपा अध्यक्ष ने साध्वी ऋतंभरा को संन्यासियों का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि वह हमेशा वात्सल्य ग्राम और साध्वी के प्रयासों का साथ देंगे। बताया कि नरेंद्र मोदी सरकार देश को ऊंचाइयों पर ले जाने और धर्म-संस्कृति के संरक्षण को कृतसंकल्प है। इससे पूर्व रामकथा वाचक संत विजय कौशल महाराज ने शाह से पूछा कि प्रदूषित यमुना जल दिया जाना ब्रजवासियों के किस पाप की सजा है।
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उन्होंने कहा, ‘आप केंद्र के मालिक हैं, केंद्र की योजनाओं का बखान करेंगे पर ब्रजवासियों को योजनाएं नहीं यमुना में शुद्ध जल चाहिए।’ साध्वी ऋतंभरा ने अमित शाह का स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र देकर अभिनंदन किया। जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल, राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा, ब्रह्मरत्न अग्रवाल, मुकुट विहारी सेकसरिया आदि ने भी बुके भेंटकर स्वागत किया।
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शाह ने शाल ओढ़ाकर स्वामी परमानंद महाराज से आशीर्वाद लिया। स्वामी परमानंद ने कहा कि संन्यासियों के लिए संन्यासी रहते हुए जनहित के सांसारिक कार्य करने और समाज की जिम्मेदारी उठाने का समय आ गया है। इससे देश का कल्याण होगा।
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