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एक तरफ जंग का ऐलान, दूसरी तरफ हादसे के शिकार

Thu, 26 Mar 2015 07:41 AM IST
Updated Thu, 26 Mar 2015 07:41 AM IST
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एक तरफ जंग का ऐलान, दूसरी तरफ हादसे के शिकार

accident farmer pics.

बुधवार दोपहर लगभग दो बजे मथुरा एक्सप्रेसवे पर शांति मार्च करने जा रहे किसानों की पिकअप गाड़ी पलट गई और इसमें 24 किसान घायल हो गए। घायलों को मथुरा के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर रूप से घायल छह किसानों को आगरा रेफर किया गया है। इस हादसे के बाद शांति मार्च का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।

एक तरफ जंग का ऐलान, दूसरी तरफ हादसे के शिकार

accident farmer pics.

सुबह से ही अधिकारी पुलिस और पीएसी के साथ किसानों को एक्सप्रेसवे पर चढ़ने से रोकने के लिए पहुंच गए थे। दोपहर में संघर्ष समिति के साथ अधिकारियों की एक घंटे तक वार्ता भी हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। दोपहर लगभग दो बजे किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली व अन्य वाहनों से बाजना की ओर कूच कर दिया। इसी दौरान आगे निकलने की होड़ में ये हादसा हुआ। घटना के बाद कटैलिया शांति मार्च रद्द कर हजारों किसानों को वापस नौहझील ब्लाक पर ले आए। यहां उन्होंने घायलों को मुआवजा देने और उनके बेहतर इलाज के लिए धरना जारी रखने का एलान किया। रात में हादसे में घायल किसानों का हाल जानने के लिए जिलाधिकारी राजेश कुमार और एसएसपी मंजिल सैनी जिला अस्पताल पहुंचे।

एक तरफ जंग का ऐलान, दूसरी तरफ हादसे के शिकार

accident farmer pics.

नौहझील ब्लाक परिसर में पिछले करीब एक सप्ताह से सर्वदलीय किसान संघर्ष समिति का धरना चल रहा है। धरने पर बैठे किसान मोरकी इंटर कालेज की प्रबंध समिति को बदलने के साथ क्षेत्र और किसानों की 11 सूत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैँ। मोरकी इंटर कालेज को एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि के बदले में लगभग सात करोड़ रुपये मुआवजा के मिलने हैं। इनकी मांग है कि इस धनराशि को क्षेत्र के विकास पर खर्च किया जाए। मंगलवार को इनकी प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता भी हुई, लेकिन विफल हो गई थी। इसके बाद किसानों ने बुधवार को एक्सप्रेसवे पर मार्च करने की घोषणा की थी।

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एक तरफ जंग का ऐलान, दूसरी तरफ हादसे के शिकार

accident farmer pics.

चाहे भूमि अधिग्रहण का मुद्दा हो, गन्ना भुगतान का या कोई अन्य बड़ी समस्या अब देशभर के किसान यह लड़ाई संग मिलकर लड़ेंगे। बिलारी में हुई किसान महापंचायत में तय किया गया कि देशभर के किसान संगठनों का साझा मंच बनेगा। जहां जैसी जरूरत होगी वहां किसान संघ अपनी भागीदारी निभाएंगे।

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एक तरफ जंग का ऐलान, दूसरी तरफ हादसे के शिकार

accident farmer pics.

किसानों के मुद्दों को अब तक स्थानीय स्तर पर ही नेता उठाते रहे हैं। चाहे भूमि अधिग्रहण का विवाद हो या फिर गन्ना भुगतान के लिए लड़ना पड़ा हो एक साथ किसान नेता साथ कभी नहीं दिखे।

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