पर्दे पर अंतरंग दिखने वाले सितारे, एक-दूसरे की शक्ल भी नहीं देखते
छोटे पर्दे के 'जोधा-अकबर' की प्रेम कहानी का कौन दीवाना नहीं है! लेकिन असलियत तो कुछ और ही है। हमारी जोधा यानी 'परिधि शर्मा' और अकबर यानी 'रजत टोकस' की असल जिंदगी में बिलकुल नहीं बनती। पहले दिन से ही इन दोनों में कोई खास बातचीत नहीं हुई।
पर्दे पर अंतरंग दिखने वाले सितारे, एक-दूसरे की शक्ल भी नहीं देखते
आपके महादेव भले ही पर्दे पर अपनी पार्वती से बहुत प्रेम करते हों लेकिन असलियत में मामला अलग ही है। मोहित रैना और पहली पार्वती यानी सोनारिका भदौड़िया के बीच शुरूआत से ही संबंध कड़वे थे। हो सकता है इसीलिए महादेव ने अपनी पार्वती बदलवा ली थी?
पर्दे पर अंतरंग दिखने वाले सितारे, एक-दूसरे की शक्ल भी नहीं देखते
बालिका वधु के 'शिव और आनंदी' की जोड़ी तो ऐसी है कि इन्हें देखने वाले को भी इनसे प्यार हो जाए लेकिन सच तो यह है कि असल जिंदगी में 'आनंदी' यानी 'तोरल रासपुत्र' और 'शिव' यानी 'सिद्धार्थ शुक्ला' तो एक दूसरे से इतना दूर रहते हैं कि साथ में अपने डॉयलॉग का रिहर्सल तक करना पसंद नहीं करते।
पर्दे पर अंतरंग दिखने वाले सितारे, एक-दूसरे की शक्ल भी नहीं देखते
'हिटलर दीदी' तो सच में भी हिटलरगिरी दिखाने से बाज नहीं आईं। सूत्रों की मानें तो सीरियल की 'इंदिरा' यानी 'रति पांडे' खुद को 'ऋषि कुमार' यानी 'सुमित' से ज्यादा अनुभवी मानती थी और अकड़ में रहती थीं जो सुमित को कुछ रास नहीं आता था। अच्छा ऋषि बाबू सीरियल में तो आप अपनी मकान मालकिन जी के आगे पीछे घुमते रहते थे और असलियत में जरा से नखरे नहीं उठा पाए?
पर्दे पर अंतरंग दिखने वाले सितारे, एक-दूसरे की शक्ल भी नहीं देखते
'दिया और बाती हम' के 'सूरज' और 'संध्या' यानी 'अनस' और 'दीपिका' पहले तो काफी अच्छे दोस्त हुआ करते थे लेकिन लगता है अब वह बात नहीं रह गई। दोनों में अब ऑफ स्क्रीन ज्यादा बातचीत नहीं होती। ये क्या सूरज संध्या! अब जब आप सीरियल में एक दूसरे के पास आए हैं तो असल में दूरियां बढ़ा ली?