यही हैं बॉलीवुड के टॉप-10 फिल्म निर्देशक, आप किन्हें मानते हैं?
हम थियेटर में पर्दे पर दिखने वाले हीरो और हीरोइन को तो याद रखते हैं। लेकिन फिल्म को पर्दे पर दिखने वाले हीरो-हीरोइन फिल्म के असली नायक नहीं होते बल्कि फिल्म को बनाता है निर्देशक। जिसकी अंगुलियों पर सारे किरदार नाचते हैं। भारतीय सिनेमा को घर-घर तक पहुंचाने और कई स्टार को सुपरस्टार बनाने वाले 10 महान डायरेक्टरों के बारे में हम आपको बता रहे हैं।
यही हैं बॉलीवुड के टॉप-10 फिल्म निर्देशक, आप किन्हें मानते हैं?
सत्यजीत रे के बारे में अगर कहा जाए कि उन्होने घुटनों पर चल रहे भारत के सिनेमा को चलना सिखाया तो गलत नहीं होगा। सत्यजीत रे कलकत्ता में 1921 में पैदा हुए। उन्होने ज्यादा सिनेमा बंगाली में ही बनाया। उनकी पहली फिल्म 'पाथेर पांचाली' ने कई अवार्ड जीते। हिन्दी में उन्होने 'शतरंज के खिलाडी' जैसी फिल्म बनाई। जो हिन्दी सिनेमा की यादगार फिल्म है। भारत रत्न सत्यजीत रे को भारतीय सिनेमा का सबसे बेहतर डायरेक्टर कहा जाता है।
यही हैं बॉलीवुड के टॉप-10 फिल्म निर्देशक, आप किन्हें मानते हैं?
गुरू दत्त की फिल्म 'प्यासा' भारतीय सिनेमा का शानदार नगीना है। जिन्होने उनकी ये अकेली फिल्म भी देखी है, वो ये जानता है कि गुरू दत्त कितने बड़े कलाकार थे। गुरू दत्त महज 39 साल की उम्र में इस दुनिया से चले गए। लेकिन छोटी सी जिंदगी में उन्होने कई बड़े काम किए। जिसकी गवाह उनकी फिल्में हैं। उनकी फिल्मों में प्यासा, कागज के फूल, चौदहवी का चांद और साहिब बीवी और गुलाम जैसी फिल्में हैं।
यही हैं बॉलीवुड के टॉप-10 फिल्म निर्देशक, आप किन्हें मानते हैं?
बिमल रॉय भारतीय सिनेमा के महान निर्देशको में शुमार हैं। उन्होने दो बीघा जमीन, मधुमति, सुजाता और बंदिनी जैसी फिल्में बनाईं। ना सिर्फ उन्होने हमें ये कालजयी फिल्में दीं बल्कि गीतकार गुलजार को तराश कर हीरा बनाने का श्रेय भी बिमल दा को ही है। उन्होने ही गुलजार को एक गैराज से निकाल कर फिल्मों से जोड़ा।
यही हैं बॉलीवुड के टॉप-10 फिल्म निर्देशक, आप किन्हें मानते हैं?
पहली बार भारत की जिस फिल्म जो ऑस्कर के लिए चुना गया। वो थी 'मदर इंडिया'। मदर इंडिया को बनाया महान निर्देशक महबूब खान ने। महबूब खान के नाम पर कई शानदार फिल्में हैं। लेकिन मदर इंडिया अकेले ही महबूब खान को सर्वश्रेष्ठ निर्देशकों में शामिल करने को काफी है।