ये 10 फिल्में: हर हिंदुस्तानी को जरूर देखनी चाहिए
हमारे सामने आजादी के इतने सालों बाद भी गरीबी, भ्रष्टाचार और आतंकवाद जैसे मुद्दे हमारे सामने हैं। हर कोई इनका हल चाहता है। लेकिन इन मुद्दों पर तमाम योजनाएं और दावे धरे के धरे रह जाते हैं। यकीनन फिल्मी पर्दे और जमीन की हकीकत में फर्क होता है, लेकिन कुछ फिल्में हमें कई परेशानियों से लड़ने के रास्ते सुझाती हैं। ऐसी ही कुछ फिल्में जिन्हें इस गणतन्त्र हम कहेंगे कि हर वो भारतीय देखे, जो देश से प्यार करता है।
ये 10 फिल्में: हर हिंदुस्तानी को जरूर देखनी चाहिए
आमिर खान की 'रंग दे बसंती' में दिखाया गया कि कैसे देश के नेता अपनी जेबें भरने के लिए देश के जवानों के प्राणों को जोखिम में डाल देते हैं। फिल्म की कहानी पूरी तरह काल्पनिक नहीं हैं। इस तरह की घटनाएं हमारे देश में हुई हैं, जब रक्षा सौदौं में बड़ी धांधलियां हुईं। फिल्म के मुख्य पात्र एक नेता के खिलाफ हिंसा का रास्ता अपनाते हैं, जो शायद ठीक ना हो। लेकिन एक बात से सभी को इत्तेफाक होगा और वो बात ये है कि देश के नौजवानों को भ्रष्टाचार से लड़ने को भगत सिंह और चन्द्रशेखर बनना होगा। ये फिल्म देश के हालात पर बहुत कुछ कह जाती है।
ये 10 फिल्में: हर हिंदुस्तानी को जरूर देखनी चाहिए
आज देश सांप्रदायिकता से लड़ रहा है। ऐसे में कुछ लोगों को अपने नाम या धर्म की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। शाहरुख खान की फिल्म 'चक दे इंडिया' हमें सिखाती है कि हम हिन्दू-मुसलमान या पंजाबी-गुजराती नहीं बल्कि हिन्दुस्तानी हैं।
ये 10 फिल्में: हर हिंदुस्तानी को जरूर देखनी चाहिए
हमारी एक बड़ी समस्या बेरोजगारी है। बेरोजगारी की बड़ी वजह है, मशीनों से काम का होना। दिलीप कुमार की फिल्म 'नया दौर' आज के दौर में मशीन और इंसान के बीच सामंजस्य कैसे बैठाया जाए, इसका बेहतरीन नमूना पेश करती है।
ये 10 फिल्में: हर हिंदुस्तानी को जरूर देखनी चाहिए
देश की आजादी के वक्त क्या हालात रहे, किस तरह से देश की आजादी के बाद नेताओं ने देश को एकजुट किया? इन सब सवालों का जवाब श्याम बेनेगल की फिल्म 'सरदार' देती है। देश के पहले गृहमंत्री सरदार बल्ल्भ भाई पटेल की जिंदगी पर बनी इस फिल्म में आजादी के समय के हालात को बारीकी से दिखाया गया है।