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जानिए, कौन हैं राधे मां और कैसे होने लगी उनकी पूजा?
Sun, 09 Aug 2015 10:13 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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Updated Sun, 09 Aug 2015 10:13 AM IST
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खुद को देवी बताने वाली विवादास्पद और ग्लैमरस धर्मगुरु राधे मां का वास्तविक नाम सुखविंदर कौर है। प्राप्त सूचना के अनुसार सुखविंदर कौर का जन्म चार अप्रैल 1965 में पंजाब के जिले गुरुदासपुर के दोरंगला गांव में हुआ था।
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सुखविंदर कौर के बारे में बताया जा रहा है कि वह अपने गांव के काली देवी मंदिर में काफी दिन तक रही और वहां के लोगों को बचपन से कुछ चमत्कारिक चीजें दिखाया करती थी। हालांकि उसके गांव वालों ने उसके बारे में बचपन में किसी भी चमात्कारिक शक्ति होने से या दिखाने से इनकार किया।
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जानकारी के अनुसार सुखविंदर कौर 10वीं कक्षा तक पढ़ी है। राधे मां उर्फ सुखविंदर की शादी मोहन सिंह नाम के शख्स के साथ हुई थी, शादी के समय सुखविंदर की उर्म 17 साल थी। जब सुखविंदर की शादी हुई उस वक्त उसके ससुराल की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी।
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इंटरनेट पर मौजूद सूचना के मुताबिक सुखविंद जब 22 साल की हुई तब तक उसके छह बच्चे हो चुके थे। बताते हैं अपनी पति की आर्थिक सहायता के लिए वह कपड़ा सिलती थी लेकिन इसी दौरान उसका पति कमाने के लिए कतर की राजधानी दोहा चले गए।
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कहा जाता है कि पति के कतर जाने के बाद सुखविंदर अध्यात्म की ओर मुड़ गई और महन्त रामदीन की शिष्या बन गई। महन्त रामदीन ने ही सुखविंदर को राधे नाम दिया। इसके बाद राधे संत समागमों में जाने लगी और लोगों से पहचान करने लगी।
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