परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी
न शारीरिक परीक्षण, न लिखित परीक्षा, न ही कोई इंटरव्यू। बस चंद रुपए और आप बन गए दरोगा जी। देखिए खाकी का अवैध कारोबार।
परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी
यूपी के मुरादाबाद में पुलिस की वर्दी का अवैध कारोबार खूब पनप रहा है। अमर उजाला की पड़ताल में चौकाने जानकारियां हाथ लगी हैं।
परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी
गली-मुहल्लों में धड़ल्ले से खाकी वर्दी की बिक्री परचून के सामान की तरह चल रही है। ग्राहक को वर्दी बेचने से पहले न तो उसकी पहचान पूछी जाती है और न ही आईडी मांगी जाती है।
परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी
कानून का मजाक देखिए कि अगर एक दरोगा बनने का सारा साजो-सामान चाहिए तो महज पांच हजार रुपए देकर आप मोरादाबाद की दुकानों से ले सकते हैं। वर्दी से लेकर जूते, कैप और बैज सब मिलता है। जिनकी आड़ में अक्सर अपराधी पुलिस बनकर अपराधों को अंजाद दे डलते हैं।
परचून के सामान की तरह बिक रही पुलिस की वर्दी
मुरादाबाद में पीएसी बल की तीन बटालियन, डॉ. भीमराव अंबेडकर पुलिस अकादमी, पीटीसी, पीटीएस के साथ की पुलिस लाइन में पुलिस ट्रेनिंग सेंटर है। जिनमें सिपाही, दरोगा, प्रोन्नत दरोगा, डिप्टी एसपी, आईपीएस, फायर और आबकारी के सिपाही और दरोगाओं को भी परीक्षण दिया जाता है। ऐसे में वर्दी की डिमांड रहती है। जिसको आईडी देखकर ही बेचने का नियम है।