एचपीयू में दो छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं में खूनी संघर्ष हो गया। एक दूसरे पर लात-घूंसे बरसाने के बाद दोनों ओर से पथराव कर दिया गया। इससे परिसर में भगदड़ मच गई। एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हुई है। दोनों ओर से कार्यकर्ता घायल हो गए हैं। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंची विवि सिक्योरिटी और पुलिस जवानों ने स्थिति को संभाला।
एचपीयू में छात्रों में खूनी संघर्ष, जमकर हुआ पथराव
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एचपीयू परिसर में तनाव
परिसर में तनाव की स्थिति को भांपते हुए क्यूआरटी ने भी मोरचा संभाल लिया है। पुलिस जवानों की कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों संगठन कार्यकर्ताओं ने घटना के विरोध में रैली और प्रदर्शन किया। दोनों छात्र गुट घटना के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे है। घटना के बाद एबीवीपी और एसएफआई दोनों संगठनों की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है।
एचपीयू परिसर में तनाव
आर्ट्स ब्लॉक के बाहर एबीवीपी के चल रहे रक्तदान शिविर के दौरान एक छात्रा कार्यकर्ता के साथ हुई एसएफआई के कार्यकर्ताओं की कहासुनी के बाद मामला भड़का और देखते ही देखते दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं के बीच लात घूंसे चलने शुरू हो गए। इस दौरान पत्थरबाजी भी हुई। दोपहर करीब ढाई बजे आर्ट्स ब्लॉक के बाहर चल रहे एबीवीपी के रक्तदान शिविर में एबीवीपी की एक कार्यकर्ता और एसएफआई के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई, इसके बाद देखते ही देखते बात मारपीट तक चली गई।
एचपीयू परिसर में तनाव
सूचना मिलने पर विवि सिक्योरिटी और परिसर में तैनात पुलिस जवान मौके पर पहुंचे, पुलिस के बीच बचाव के बाद किसी तरह मामला शांत हुआ। इसके बाद परिसर में पुलिस क्यूआरटी और अतिरिक्त पुलिस जवान पहुंचे, इनकी मौजूदगी में एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने परिसर में रैलियां निकाली और पुस्तकालय के बाहर करीब डेढ़ घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। छात्र संगठन नेताओं ने घटना के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहराया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और गिरफ्तारी की मांग उठाई। इसके बाद से परिसर में पुलिस सुरक्षा बढ़ा दी गई है, हर छात्र और गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
एचपीयू परिसर में तनाव
एबीवीपी की विवि इकाई अध्यक्ष गौरव अत्री और अन्य छात्र नेताओं ने इस पूरी घटना के लिए एसएफआई को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि परिसर में चल रहे एबीवीपी रक्तदान शिविर में आ कर एसएफआई के कुछ कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी छात्रा कार्यकर्ता के साथ अभद्र व्यवहार किया। यह एक सुनियोजित चाल थी, इसी बीच अन्य एसएफआई कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी के लोगों पर हमला बोल दिया।