ये '7 सच' तोड़ देंगे आपके सालों पुराने भ्रम, रह जाएंगे दंग
कहते हैं कि गिरगिट अपने आस-पास के माहौल के मुताबिक रंग बदलता है और उस जैसा रंग ले लेता है, लेकिन ऐसा नहीं है। वे रंग बदलते हैं क्योंकि वे भी शारीरिक, मानसिक और भावात्मक बदलावों से गुजरते हैं।उनकी त्वचा उनके मूड के मुताबिक बदलती है। वे आपस में बातचीत करने के लिए भी रंग बदलते हैं। तापमान और रोशनी का भी असर पड़ता है।
ये '7 सच' तोड़ देंगे आपके सालों पुराने भ्रम, रह जाएंगे दंग
कहा जाता है कि इंसानों में पांच इंद्रियां होती हैं। कुछ खास लोगों में छ: इंद्रिइयां होती हैं लेकिन सच यह है कि इंसानों में इससे भी ज्यादा इंद्रियां होती हैं। यह साफ नहीं है कि कितनी, लेकिन 20 के करीब इसकी गिनती है। देखने, सुनने, सूंघने, चखने और छूने के अलावा भूख-प्यास लगना, खुजली होना, दर्द महसूस होना, बिना देखे अपने शरीर के ही किसी भी अंग को छू पाना भी इंद्रियों में ही गिना जाता है।
ये '7 सच' तोड़ देंगे आपके सालों पुराने भ्रम, रह जाएंगे दंग
यह भी कहा जाता है कि अगर चिड़िया के घोसले में उसके बच्चों या अंडो को छू लो तो चिड़िया अपने बच्चों के पास भी नहीं आती। लेकिन ऐसा नहीं है। चिड़िया की सूंघने की शक्ति तेज नहीं होती। अगर आप चिड़िया के बच्चे को जमीन पर गिरा देखते हैं और उसे छू लेते हैं तो यह मत सोचिए कि आपको उसे पालना पड़ेगा। उसकी मामं कहीं न कहीं से उस पर नजर रखी होगी और लौट कर उसके पास आ ही जाएगी।
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बच्चे च्विंग गम न खाएं इसलिए उन्हें यह कह कर बेवकूफ बनाया जाता है कि च्विंग गम को पचाने में सात साल लग जाते हैं जबकि ऐसा नहीं है। च्विंग गम को भी पचने में उतना ही समय लगता है जितना कि पेट में मौजूद बाकी चीजों को। कई लोग तो बड़े होने तक इसी धारना के साथ जीते हैं और च्विंग गम नहीं खाते।
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लोग कहते हैं कि एक बार जहां बिजली गिर जाए वहां फिर से नहीं गिरती लेकिन यह सच नहीं है। इसकी पूरी पूरी संभावना रहती है कि उसी जगह दोबारा बिजली गिरे। यह बात खुद नासा ने कबूल की है। यह ज्यादातर उसी एक तूफान के दौरान होता है। बिजली की हर एक कड़क में 4 प्रहार पड़ने की संभावना होती है। बिजली ऊंची इमारतों और पेड़ों के जरिए ज्यादा जल्दी जमीन तक पहुंचती है इसीलिए इन्हें ज्यादा खतरा होता है।