फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

शान की सवारी 'बुलेट' कैसे बनी देसी बाइक? दिलचस्प इतिहास

Wed, 27 Jan 2016 07:21 PM IST
Updated Wed, 27 Jan 2016 07:21 PM IST
विज्ञापन

शान की सवारी 'बुलेट' कैसे बनी देसी बाइक? दिलचस्प इतिहास

history in royal enfield bullet motorcycle india

रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल जितनी शानदार है इसका इतिहास उतना ही जानदार है। जानिए इसके दिलचस्प इतिहास के बारे में।


शान की सवारी 'बुलेट' कैसे बनी देसी बाइक? दिलचस्प इतिहास

history in royal enfield bullet motorcycle india

भारतीय बाजार ही नहीं विदेशों में भी रॉयल एनफील्ड इंडिया बुलेट मोटरसाइकिल के जलवे हैं। लेकिन आपको जानकर ताज्जुब होगा कि ये कंपनी साइकिल बनाने वाले एक विदेशी शख्स भारतीय कारोबारी के साथ मिलकर शुरू की थी।

शान की सवारी 'बुलेट' कैसे बनी देसी बाइक? दिलचस्प इतिहास

history in royal enfield bullet motorcycle india

लंदन में एनफील्ड नाम का एक इलाका है जहां एलबर्ट ईडी नाम का अंग्रेज 'पैरीज साइकिल कंपनी' चलाता था। एलबर्ट ने 1890 के दशक में आर.डब्‍ल्यू स्मिथ के साथ मिलकर साइकिल बनाने की कंपनी शुरू की और इस कंपनी का नाम एनफील्ड मैनुफैक्चरिंग लिमिटेड पड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन

शान की सवारी 'बुलेट' कैसे बनी देसी बाइक? दिलचस्प इतिहास

history in royal enfield bullet motorcycle india

एनफील्ड मैनुफैक्चरिंग कंपनी साइकिल बनाने के साथ ही राइफल के भी कुछ कीमती पार्ट्स भी बनाती थी और इनकी सप्लाई रॉयल आर्म्स फैक्ट्री को करती थी। 1998-99 में इस कंपनी ने मोटर लगी साइकिल भी बनाई। ध्यान दें कि रॉयल नाम इसी आर्म्स कंपनी से मिला।

विज्ञापन

शान की सवारी 'बुलेट' कैसे बनी देसी बाइक? दिलचस्प इतिहास

history in royal enfield bullet motorcycle india

दूसरे विश्व युद्ध के दौरान बिटिश हुकूमत को सैनिकों के लिए मजबूत मोटरसाइकिलों की जरूरत पड़ी तो एनफील्‍ड कंपनी आगे आई। कंपनी ने सैनिकों के लिए 350 सीसी की एक मजबूत मोटर साइकिल का डिजाइन तैयार किया।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed