क्या आप जानते हैं कि देश में एक ऐसा अनोखा कैफे है जो देखने वालों को जबरदस्त एनर्जी देता है। ये कैफे स्थित है बिहार में। पटना के बेली रोड में मौजूद विद्युत भवन के अहाते में दाखिल होते ही चटखदार रंगों में सजी एक छोटी सी बिल्डिंग लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।
एक ऐसा अनोखा कैफे, जो देखने वालों की बढ़ा देता है एनर्जी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार स्टेट पॉवर होल्डिंग के चीफ इंजीनियर (सिविल) सरोज कुमार सिन्हा बताते हैं कि इस कैफे का बेसिक आइडिया उर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत का था जिसे प्रोफेशनल आर्टिस्ट मंजीत और नेहा सिंह ने साकार किया।
इस कैफे का साइन बोर्ड भी बहुत आकर्षक तरीके से तैयार किया गया है। इसे बनाने में एक पुरानी साइकिल के अगले हिस्से इस्तेमाल हुआ है। कैफे के लिए पुराने ड्रमों को काट कर कुर्सी और सेंटर टेबल बनाए गए हैं तो इलेक्ट्रिक पैनल्स से टेबल और बेंच बनाए गए हैं। इन इलेक्ट्रिक पैनल्स के नट और बोल्ट अब भी साफ-साफ दिखाई देते हैं।
वहीं ट्रांसफार्मर के आयल ड्रम से बैठने का टूल तैयार किया गया है। इंसुलेटर से डस्टबीन तो बिजली के तारों से मॉडर्न आर्ट बनाये गए हैं। मीनू बोर्ड और दीवार घड़ी लकड़ी के पुराने टुकड़ों से तैयार की गई हैं।
कैफे में एक पुरानी एंबेसेडर कार को सोफा में ढाला गया है। यह कार 2001 तक बिहार राज्य बिजली बोर्ड के अध्यक्ष की सरकारी गाड़ी हुआ करती थी।
इस कार का नंबर प्लेट भी कैफे की दीवार पर बतौर शो-पीस टंगा हुआ है।
पटना के मीठापुर में उर्जा विभाग का एक बंद पड़ा पावर प्लांट है। यहां के कैंटीन में इस्तेमाल की जाने वाली चाय की केतलियां भी इस कैफे के दीवार की रौनक बनी हैं।