जेईई-मेन के बाद जेईई-एडवांस में भी सफलता हासिल कर राजधानी के 300 युवाओं ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) का टिकट पक्का कर लिया। इसमें तेजस वैश्य ने 1068, प्रजित कुमार ने 1113 रैंक हासिल की तो डोलेश 1127 रैंक लाकर ज्यादा पीछे नहीं रहे। प्रसून ने 1282 रैंक हासिल की। अनुदीप वर्मा, कनिष्क गांधी, मधुर कुमार, राघव प्रकाश अग्रवाल, तन्मय सिंह, ओजस श्रीवास्तव, आर्यन रस्तोगी, श्रीश ग्रोवर और अनन्या मोहित सहित 300 होनहारों ने परचम लहराया। जेईई-एडवांस के माध्यम से देश के 23 आईआईटी की करीब 12 हजार सीटों पर दाखिले होंगे। उधर, अभ्यर्थियों को रिजल्ट के लिए शुक्रवार को काफी परेशान होना पड़ा। सर्वर डाउन होने से छात्र परिणाम नहीं देख पाए। चार बजे के बाद भी करीब एक घंटे का इंतजार करना पड़ा।
जेईई-एडवांस में चुने गए युवाओं ने दिए सक्सेस मंत्रा बोले- 4-5 घंटे की तैयारी भी दिलाएगी सफलता
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आईएएस बनना है मेरा लक्ष्य : तेजश वैश्य
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1068
शुरू से ही एडवांस को लक्ष्य बनाकर तैयारी की। यही वजह रही कि मेन में 2472 रैंक आई। मैं आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहता हूं। इसके बाद आईएएस बनना है। पिता अशोक कुमार वैश्य का व्यवसाय है। मां ममता वैश्य गृहिणी हैं।
टिप्स: सफलता के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। एक मेंटर जरूर होना चाहिए, जो लक्ष्य हासिल करने का रास्ता बताता चले।
पुराने वर्षों के पेपर सॉल्व किए : प्रजित कुमार
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1113
पढ़ाई के दौरान सोशल साइट का प्रयोग तब किया जब थक जाता था। इससे नई जानकारियां भी मिलती हैं। मैं बैडमिंटन खेलता था। मैंने पिछले पांच साल के पेपर सॉल्व किए और उनका रिवीजन किया। अभी तय नहीं किया कि किस आईआईटी में जाना या आगे क्या करना है। पिता दीपक कुमार वन विभाग में और मां मोनिका गृहिणी हैं।
टिप्स: कांसेप्ट क्लीयर रखें। रिवीजन करें और जो पढ़ें, मन लगाकर पढ़ें।
आईआईटी बांबे से सीएस करने की इच्छा : डोलेश
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1127
जेईई मेन में अच्छी रैंक के बाद मेरा हौसला बढ़ा। इसके बाद मैंने और अच्छे तरीके से तैयारी की। आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करूंगा। अभी आगे का लक्ष्य तय नहीं किया है। पिता डॉ. उमाशंकर बाराबंकी में डॉक्टर और मां संध्या शिक्षिका हैं। अभिभावकों ने पूरा सहयोग किया।
टिप्स: शुरुआत से एडवांस को लक्ष्य बनाकर तैयारी की। सभी को लक्ष्य बनाकर तैयारी करनी चाहिए।
ऑल इंडिया रैंकिंग : 1173
मन लगाकर रोजाना 4-5 घंटे भी पढ़ते हैं तो जेईई एडवांस में सफलता मिलती है। मैंने पिछले साल के पेपर सॉल्व किए और रिवीजन किया। समय निकालकर फुटबॉल भी खेला, पर सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। पिता बद्री विशाल बाजपेई पशुपालन विभाग में और मां कुसुम बाजपेई गृहिणी हैं।
टिप्स: परीक्षा की तैयारी शुरू से करें। ऐन वक्त पर तैयारी से सफलता नहीं मिलेगी। पुराने पेपरों को हल करने से लक्ष्य आसान होता है।