सेंडेंटरी लाइफस्टाइल यानी जीवनशैली की गतिहीनता, कई प्रकार से शारीरिक स्वास्थ्य की समस्याओं का कारण मानी जाती है। एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठकर काम करते रहने वाले लोगों में इस तरह की समस्या का खतरा अधिक होता है। गतिहीन जीवनशैली वाले लोगों में वैसे तो कई प्रकार की समस्याओं का खतरा हो सकता है, पर ऐसे लोगों में मांपेशियों में कमजोरी की दिक्कत सबसे अधिक देखने को मिलती है।
Yoga Tips: शरीर के इन तीन अंगों के लिए नियमित योगाभ्यास जरूरी, सेंडेंटरी लाइफस्टाइल की जटिलताएं होंगी दूर
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कमर के लिए योग
जीवनशैली की गतिहीनता के कारण कम उम्र के लोगों में भी कमर दर्द की समस्या बढ़ती हुई देखी जा रही है। इस स्थिति में लोगों के लिए सामान्य जीवन के कामकाज तक करना कठिन हो जाता है। कमर में दर्द की समस्याओं को दूर करने के लिए कैट-काऊ पोज या फिर सेतुबंधासन योग के अभ्यास करना सबसे बेहतर माना जाता है। ये योगासन मांसपेशियों में रक्त के संचार को बढ़ाने के साथ उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।
कोर की मांसपेशियों के लिए योग
कोर की मांसपेशियां संपूर्ण शरीर के बेहतर ढंग से कार्य करते रहने के लिए आवश्यक है। इन मांसपेशियों को लक्षित करने के लिए नियमित रूप से नौकासन योग का अभ्यास किया जा सकता है। नौकासन योग से पेट के अंगों की बेहतर स्ट्रेचिंग करने में मदद मिलती है, साथ ही यह हैमस्ट्रिंग में जकड़न को कम करने के साथ शरीर के लचीलेपन में सुधार करने में भी आपके लिए सहायक योगासन है।
कंधों की समस्या के लिए योग
सेंडेंटरी लाइफस्टाइल के कारण लोगों में फ्रोजन शोल्डर जैसी कंधों की समस्या काफी बढ़ गई है। कंधे की दिक्कतों को कम करने के लिए पश्चिमोत्नासन योग का नियमित अभ्यास करना विशेष लाभप्रद हो सकता है। यह योगासन कंधों और रीढ़ की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ मांसपेशियों पर पड़ने वाले अतिरिक्त तनाव को कम करने में सहायक है। इस योग के नियमित अभ्यास से कंधे के साथ पीठ और रीढ़ से संबंधित समस्याओं का जोखिम भी कम हो जाता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।