Yoga Asanas For Women: योग उम्र के हर पड़ाव में मददगार होता है। किशोरावस्था से लेकर वृद्धावस्था तक महिला और पुरुष नियमित योगासनों के अभ्यास से बेहतर स्वास्थ्य पा सकते हैं। साथ ही कई तरह के रोगों से मुक्त रहते हैं। विशेषज्ञ के मुताबिक, योगासन शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए फायदेमंद है। उम्र के साथ महिलाओं के शरीर में कई बदलाव आते हैं। महिला के अंदर शारीरिक, मानसिक, हार्मोनल बदलाव अच्छे और बुरे हो सकते हैं। हालांकि योग इस बदलावों में सकारात्मक असर लाता है।
Yoga Tips: महिलाओं के लिए सबसे लाभकारी हैं ये तीन योगासन, अभ्यास से दूर होंगी कई स्वास्थ्य समस्याएं
बालासन
इस योग के अभ्यास से मन मस्तिष्क शांत रहता है। हार्मोनल बदलाव के दौरान मानसिक स्थिति में स्थिरता रहती है। बालासन के अभ्यास से पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग होती है। दर्द में आराम महसूस होता है, साथ ही स्ट्रेस को दूर करने में मदद मिलती है।
सेतुबंधासन
ब्रिज पोज का अभ्यास भी महिलाओं के लिए लाभकारी है। इस आसन से पेल्विक और कोर मजबूत होते हैं। अनियमित पीरियड आने में असरदार होता है। वही सभी ज़रूरी अंगों में प्राण शक्ति का संचार करता है। शरीर के निचले हिस्से को मजबूत बनाने के साथ ही कमर और हिप्स के दर्द में आराम मिलता है।
भुजंगासन
बढ़ती उम्र की महिलाओं के लिए भुजंगासन का अभ्यास लाभकारी होता है। इस आसन के अभ्यास से शरीर के ऊपरी हिस्से में खिंचाव आता है और चेहरे पर चमक भी आती है।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

कमेंट
कमेंट X