पूरे विश्व में गौरेया दिवस 20 मार्च को मनाया जाता है। गौरेया की संख्या दिन-प्रतिदिन विलुप्त होती जा रही है। कभी आंगन में चहकने वाली गौरेया आजकल पेड़ों पर भी नहीं मिलती। गौरेयों की घटती संख्या को ध्यान में रखते हुए तरह-तरह के मिशन चलाए जा रहे हैं। ताकि उन्हें विलुप्त होने से बचाया जा सके। आइए जानते हैं आखिर क्यों गौरेयों की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है।
World Sparrow Day: इस तरह कर सकते हैं गौरेया का बचाव
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत राय
Updated Wed, 20 Mar 2019 02:39 PM IST
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