जगन्नाथ पुरी देश के सबसे पवित्र स्थानों में से एक है। यहां हर साल भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा महोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस खास मौके पर दुनिया भर के श्रद्धालु पुरी आते हैं। दस दिन तक यह उत्सव चलता रहता है। अगर आप भी पुरी आने की सोच रहे हैं तो आपको पुरी के आसपास के जगहों के बारे में भी जानना चाहिए, जहां आप जगन्नाथ यात्रा के अलावा और कई चीजें देख सकें। इन जगहों को देखे बिना आपकी पुरी यात्रा अधूरी रह जाएगी।
पूरी जा रहे हैं तो इन जगहों पर जरुर घूम कर आएं, इनके बिना यात्रा अधूरी है
चिलिका लेक
प्रकृति और पक्षी प्रेमियों के लिए चिलिका लेक बेस्ट डेस्टिनेशन है। चिलिका लेक एशिया की सबसे बड़ी नमकीन पानी की झील है। यह झील पुरी से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस झील के पास पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं की भी ढेरों प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा यहां चिलिका लेक सैंच्युरी भी है जो 1100 स्कवॉयर किलोमीटर के हिस्से में फैली हुई है।
कोणार्क सूर्य मंदिर
जगन्नाथ पुरी से लगभग 35 किलोमीटर दूर समुद्र तट पर कोणार्क सूर्य मंदिर स्थित है। कोणार्क सूर्य मंदिर अपनी वास्तुकला और नक्काशी के लिए दुनियाभर में लोकप्रिय है। इस मंदिर को 13वीं शताब्दी में राजा नरसिंह देव ने बनवाया था। यह मंदिर सूर्य के रथ के आकार का बना हुआ है। इस प्राचीन मंदिर का वास्तुशिल्प इस तरह बना हुआ है कि लगता है कि मानो भगवान सूर्यदेव का रथ आसमान में उड़ रहा है।
पुरी बीच
बंगाल की खाड़ी की तटरेखा पर स्थित पुरी बीच छुट्टियां मनाने के लिए बेस्ट डेस्टिनेशन है। सूर्योदय और सूर्यास्त के वक्त यहां का नजारा देखते ही बनता है। वैसे जो लोग शहर की भीड़ भाड़ से दूर कुछ वक्त शांति से बिताना चाहते हैं तो उनके लिए परफेक्ट जगह है। मशहूर सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक भी अपनी रेत से बनने वाली कलाकृतियों को इसी बीच पर बनाते हैं।
रहने की व्यवस्था
तीर्थ स्थान होने के साथ ही पुरी उड़ीसा का लोकप्रिय टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। इसलिए यहां रुकने के लिए आपको सभी तरह के होटेल और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाएंगे। पूरी बीच के पास ही कई होटेल हैं। भीड़ में किसी भी तरह के ठहरने की परेशानी न हो इसलिए आप चाहें तो होटेल की पहले से ही ऑनलाइन बुकिंग कराकर जाएं। उड़ीसा टूरिज्म डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन की तरफ से भी ठहरने की व्यवस्था है। आप उसे भी ऑनलाइन चेक कर सकते हैं।