गर्मी की तपिश दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। लोग गर्मी से बेहाल हैं और इसके प्रकोप से बचने के लिए लोग पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। ताकि उनको इस चिलचिलाती गर्मी से राहत मिल सके। चारों तरफ पहाड़, नदियां और ठंडी हवाएं इतना कुछ है जो आपको पहाड़ की ओर खींच लाता है। ऐसे में अगर आप गर्मी से परेशान हैं तो हम आपको उन बेहतरीन खूबसूरत और ठंड जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां सिर्फ आप और पहाड़ों से टकराती हुई हवाएं मौजूद होंगी।
इस वक्त जब आप पहाड़ों की ओर रुख कर रहे होंगे तो चारों ओर बस भीड़ ही भीड़ आपको नजर आएगी। ऐसे में हम आपके लिए एकांत वाली जगह खोज कर लाएं है, जिसका नाम बैरल है। छुट्टी मनाने का मतलब ये नहीं की तेज चिलचिलाती हुई धूप में आप जल रहे हों। ब्लकि घूमना वो है जब आप कुदरत के नजारों से लदे हुए इस छोटे से पहाड़ी गांव में वक्त बिताएं।
बेरल शिमला से महज 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां आपको वो सबकुछ मिलेगा, जिसकी तलाश में आप शहरों की चकाचौंध से दूर भटकते हुए आए हैं। हरियाली से लदे हुए पहाड़, पौराणिक मंदिर और प्यारे से स्थानीय लोग। बेरल गांव रोहरू जिले में बसा हुआ है। यह जगह अभी लोगों की पहुंच से दूर है। इसलिए और खूबसूरत लगती है यह जगह। बेरल के आस-पास के इलाके में घने जंगलों से गुजरती हाइकिंग और ट्रेकिंग के लिए कई रास्ते हैं।
अपने अंदर के ट्रैकर्स को जगाइए और निकल पड़िए सैर पर। बेरल में गिरी गंगा मंदिर स्थित है। यहां के सभी पहाड़ी रास्तों में से गिरी गंगा मंदिर का रास्ता सबसे कठिन है। ऐसा कहा जाता है कि इस मंदिर की खोज एक साधु ने की थी। साधु लोटे में गंगा जल लेकर आ रहे थे। इस दौरान उनका लोटा गिर गया और देवघर के घने पेड़ों के बीच मंदिर की स्थापना हुई।
बेरल में अभी लोगों का आना-जाना कम है और यही कारण है कि आपको स्थानी ढाबे ज्यादा मिलेंगे, जहां आपको उत्तर भारतीय खाना मिलेगा। अगर आपको हिमाचली खाने का स्वाद लेना है तो आपको रोहरू में ढेर सारे विकल्प मिल जाएंगे।