Dussehra 2024: इस साल दशहरा 12 अक्तूबर यानी कि शनिवार को मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने लंकापति रावण का वध किया था और इसी के साथ बुराइयों का सर्वनाश किया था। भगवान राम ने इस दिन बुराई को परास्त करते हुए विजय प्राप्त की थी, इसी वजह से इस दिन को विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है।
असत्य पर सत्य की विजय के प्रतीक दशहरा के दिन रावण के साथ-साथ रावण के भाई कुम्भकरण और रावण के पुत्र मेघनाथ का विशाल पुतला बना कर दहन किया जाता है। वैसे तो दशहरा पूरे देश में मनाया जाता है लेकिन भारत के कुछ राज्यों में इसकी धूम काफी ज्यादा देखने को मिलती है। आज हम आपको यहां पांच ऐसे राज्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां दशहरा की धूम सबसे ज्यादा होती है।
2 of 6
भारत के इन राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है दशहरा
- फोटो : Adobe
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में तो भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या है, ऐसे में यहां तो दशहरे की अलग ही रौनक रहती है। यूपी में जगह-जगह रामलीला का भी आयोजन किया जाता हैं। वाराणसी में दशहरा को 'रावण वध', 'रावण पोड़ी' और विजय दशमी के नाम से जाना जाता है। सभी जगहों पर इस दिन रावण, मेघनाथ और कुम्भकरण का पुतला आतिशबाजी के साथ दहन किया जाता है।
3 of 6
भारत के इन राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है दशहरा
- फोटो : Adobe
कर्नाटक
कर्नाटक में दशहरा की धूम शारदीय नवरात्रि से ही आरंभ हो जाती है। वैसे तो पूरे राज्य में इसकी धूम दिखाई देती है, लेकिन मैसूर में दशहरा की तैयारी कई -कई दिनों पहले से शुरू हो जाती हैं। मैसूर में दशहरे के उपलक्ष्य में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक कार्यक्रम, नृत्य, संगीत कार्यक्रम प्रबुद्ध पैलेस के सामने आयोजित किए जाते हैं।
4 of 6
भारत के इन राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है दशहरा
- फोटो : freepik
पश्चिम बंगाल
यहां की दुर्गा पूजा तो पूरे भारत में ही फेमस है, पर क्या आप जानते है कि यहां विजयादशमी भी बहुत धूमधाम से मनाई जाती है। बंगाल में विजयादशमी को बिजॉय दशमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन यहां जुलूस निकालकर मां दुर्गा को विदाई दी जाती है।
5 of 6
भारत के इन राज्यों में धूमधाम से मनाया जाता है दशहरा
- फोटो : freepik
राजस्थान
राजस्थान में भी विजयादशमी बहुत ही धूमधाम से मनाई जाती है। खासतौर पर बात करें कोटा की तो कोटा में विजयदशमी का काफी बड़ा मेला लगता है, जहां रावण के 3डी पुतले का दहन किया जाता है। यहां जेठी समाज अखाड़े में मिट्टी का रावण बनाया जाता है और उसको पैरों से कुचला जाता है। इसके साथ-साथ जयपुर में विजयादशमी को विद्याधर नगर में प्रदेश का सबसे ऊंचा रावण का पुतला बना कर जलाया जाता है।