अगर आप घुमक्कड़ी के शौकीन है और सैर करने की आपकी 'बकेट लिस्ट' तैयार रहती है तो इस लिस्ट में एक नाम और जोड़ लीजिए। रायपुर के नजदीक बसी ये जगह एक खूबसूरत टूरिस्ट डेस्टिनेशन है। जहां की सैर करके आप प्रकृति के दीवाने हो जाएंगे। इसके साथ ही इस जगह के बारे में पैराणिक मान्यताएं भी प्रचलित है। आगे की स्लाइड में जानें कौन सी है वो जगह....
ऐसी जगह जहां पर बिताया था राम-सीता ने 14 वर्ष का वनवास, यहां के हर नजारे हैं अद्भुत
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छत्तीसगढ़ के बस्तर में बनी ये जगह एक जंगल है। जो करीब 92 हजार एकड़ के एरिया में फैली हुई है। इसका भू-भाग इतना बड़ा है कि ये तीन राज्यों छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और उड़ीसे तक फैला हुआ है। इस जंगल के बारें में मान्यता प्रचलित है कि इसी स्थान पर रामायण काल में राम और सीता ने वनवास किया था। ऊंचे घने पेड़ों से ढकी ये जगह प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नही है। इस जंगल में देखने के लिए बहुत सी खूबसूरत जगहें हैं घूमने के लिए। तो चलिए जानें उन जगहों के बारे में....
बस्तर आदिवासी लोगों का क्षेत्र है और बेहद धर्म-कर्म वाली जगह है। अगर आपकी अटूट श्रद्धा रामायण में है तो आपको यहां आकर बहुत अच्छा लगेगा। दंडकारण्य में आपको जंगल, पहाड़, नदी, झरने, प्राचीन मंदिर, जंगली जीव-जंतु और प्रकृति के अद्भुत नजारे दिखेंगे। या यूं कहें कि एक साथ आप कई जगहों की सैर का पैसा बचा सकते हैं दंडकारण्य जाकर।
जगदलपुर जिले में बने इस वन में बस्तर का किला है जो अपनी वास्तुकला की वजह से लोगों का ध्यान आकर्षित करता है। इसके साथ ही यहां पर घोड़े के पैर के आकार का भारत का सबसे चौड़ा झरना है चित्रकोट। तीर्थगढ़ वाटरफॉल्स के पास ही शिव पार्वती का प्राचीन मंदिर भी है। हांलाकि प्रकृति के इतने खूबसूरत नजारों के होने के बाद भी लोग इस जगह पर कम जाना चाहते हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ में नक्सलवादियों का खतरा बहुत ज्यादा है। इसीलिए प्रकृति की सुंदरता से भरे होने के बाद भी ये जगह दुनिया की नजरों से बची हुई है।