मुझे जब भी मौका मिलता है, कहीं घूमने निकल जाती हूं। मैं यूरोप में एम्सटर्डम, पेरिस, ग्रीस आदि जगहों पर घूम चुकी हूं। यूरोप के अन्य शहरों में भी जाने की योजना है। कुछ समय पहले मैं स्विट्जरलैंड घूमने गई थी और सच मानिए, स्विट्जरलैंड मुझे बहुत पसंद आया। स्विटजरलैंड के ज्यूरिख, दावोस और जेनेवा शहर मुझे काफी आकर्षक लगे। वहां के लोग, वहां का खाना, खासकर मुझे भारतीय भोजन बहुत ज्यादा पसंद आया। इसके अलावा वहां की चॉकलेट भी बहुत पसंद आई।
मैंने दावोस में पड़ने वाली बर्फ का खूब आनंद उठाया। बर्फ की बारिश का इस तरह मैंने कभी लुत्फ नहीं उठाया था। इतना सुहावना मौसम बहुत ही कम देखने को मिलता है। इसके अलावा मैं वहां के म्यूजियम, पुराने महलों, आसपास बसे ग्रामीण इलाकों, लुभावनी पर्वत चोटियों पर भी गई। मुझे राइन फॉल्स ने बहुत लुभाया। राइन फॉल्स को यूरोप का सबसे बड़ा वाटरफॉल माना जाता है।
मैं तो कहूंगी कि एक बार हर किसी को स्विट्जरलैंड जरूर जाना चाहिए। यहां राइन फॉल्स से बहते पानी को देखकर एक अलग ही आनंद मिलता है। हालांकि, वहां के लोगों से मैं बहुत ज्यादा घुल मिल नहीं पाई, लेकिन फिर भी मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा। जैसा कि हम हमेशा से सुनते आए हैं कि पश्चिमी देशों में लोगों की उदारवादी मानसिकता होती है, जो मुझे वहां देखने को मिली। मुझे यूरोप के शहरों की छोटी-छोटी गलियों में घूमना बहुत पसंद है।
मुझे जब भी मौका मिलता था, किसी न किसी गली की ओर निकल पड़ती थी। वहां की गलियों और हमारे यहां की गलियों में बहुत अंतर है। वहां कि गलियों में शांति छाई रहती है, वहीं हमारे यहां काफी भीड़-भाड़ देखने को मिलती है। मैंने वहां की झीलों के किनारे पैदल चलने का भी आनंद उठाया। वहां के वातावरण को महसूस करने के दौरान एक अलग तरह की ताजगी का अहसास होता है। मेरा मन इसी तरह एक-एक करके पूरी दुनिया घूमने का है। इसी तरह अब मैं पहले भारत के एक-एक कोने को घूमने की इच्छा रखती हूं।
मैं भारत में नॉर्थ ईस्ट के राज्यों को सबसे पहले घूमना चाहूंगी। मैंने उन्हें या तो टीवी पर देखा है या तस्वीरों में। मैं नॉर्थ ईस्ट की प्राकृतिक संदरता, वहां के लोगों की जीवन-शैली, सुंदर-सुंदर घाटियों में कुछ समय बिताना चाहती हूं। मैं तो कहूंगी कि हमने अभी तक अपने पूरे भारत को समझा ही नहीं। खुद को जानने का सबसे अच्छा माध्यम कहीं घूमने निकल जाना है। जब आप किसी खूबसूरत जगह पर अकेले होते हैं, तब खुद से रूबरू होते हैं और खुद से बात करते हैं। मैं इसी तरह खुद से रूबरू होना चाहती हूं, लेकिन फिलहाल स्टार भारत पर शुरू हुए अपने नए धारावाहिक 'चंद्रशेखर' में व्यस्त हूं।