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बच्चे को है मोबाइल की लत तो आजमाए ये खास तरीका, झट से दूर होगी परेशानी
रूपायन डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 08 Apr 2018 10:18 AM IST
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इंटरनेट की लत के शिकार बच्चे रातभर फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे साइट्स पर समय गुजारते हैं। ऐसे युवा या किशोर आयु के बच्चे अपने काम पर केंद्रित नहीं हो पाते हैं। अब अमेरिका में ऐसे किशोर और युवा लोगों को मोबाइल की लत से छुटकारा दिलाने के लिए कुछ ऐसे विशेष क्लिनिक खुल रहे हैं, जो मोबाइल फोन की लत को छुड़ाते हैं।
सैन-फ्रांसिस्को से करीब 30 किलोमीटर दूर एक हवेली में एक क्लीनिक खोला गया है, जो पहाड़ की सबसे ऊंची चोटी पर हरियाली के बीच है। इस क्लीनिक में युवाओं का 45 दिनों तक इलाज किया जाता है। यहां मोबाइल फोन, लैपटॉप और टैबलेट पर पाबंदी है। कंप्यूटर का इस्तेमाल सिर्फ क्लासरूम में होता हैं, जिनका इस्तेमाल शिक्षक और साइकोलॉजिस्ट की देखरेख में किया जाता है।
इस क्लिनिक के निदेशक डेनिएल कोवाक्स कहते हैं, "यहां मरीजों को स्पेशल थेरेपी दी जाती है, ताकि इंटरनेट की लत छुड़ाई जा सके और वे पढ़ाई, परिवार, दोस्तों और ऑफलाइन कामों पर समय अधिक दे सकें। यहां मरीज के परिवारों को भी रखा जाता है, ताकि उनके बीच रिश्ते अच्छे हो सके। यहां आने वाले बच्चों को थेरेपी देने के साथ-साथ, उनके कौशल का विकास किया जाता है। शारीरिक व्यायाम भी करवाया जाता है।
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यहां पढ़ाई के साथ-साथ योगा और अध्यात्म की कक्षाएं भी चलती हैं। शुरू में युवाओं व बच्चों को कुछ परेशानियां होती हैं, पर धीरे-धीरे उन्हें ऑफलाइन दुनिया से प्रेम करना सीखाया जाता है। " वैसे अमरीका में इंटरनेट की लत को आधिकारिक तौर पर बीमारी नहीं माना जाता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया, चीन, इटली और जापान इसे बीमारी मानते हैं। वहीं, दक्षिण कोरिया में इसका इलाज सरकारी अस्पतालों में भी होता है।
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क्या है इंटरनेट लत
जब इंटरनेट कनेक्शन कटने पर बच्चों को गुस्सा आए, सोशल मीडिया का इस्तेमाल छुप-छुप कर करे और झूठ बोले, परिवार से दूर होने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि बच्चे को इंटरनेट की लत है। ऐसे में अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वह इंटरनेट प्रयोग की सीमा तय करें। खाने के समय और सोने से पहले कंप्यूटर, इंटरनेट के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाएं।
जब इंटरनेट कनेक्शन कटने पर बच्चों को गुस्सा आए, सोशल मीडिया का इस्तेमाल छुप-छुप कर करे और झूठ बोले, परिवार से दूर होने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि बच्चे को इंटरनेट की लत है। ऐसे में अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वह इंटरनेट प्रयोग की सीमा तय करें। खाने के समय और सोने से पहले कंप्यूटर, इंटरनेट के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाएं।