Parenting Tips: बच्चे के जन्म के साथ हर कपल की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। माता-पिता बनने वाला कपल अपने बच्चे को अच्छी परवरिश देना चाहता है। हर माता पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा उच्च शिक्षा हासिल करें, सद्कर्म और व्यवहार कुशल हो। लेकिन बच्चे के व्यवहार और उसके जीवन पर माता-पिता की परवरिश का प्रभाव पड़ता है। जैसी परवरिश आप अपने बच्चे को देते हैं, बच्चा बड़ा होने पर वैसा ही मार्ग अपना सकता है। वैसे तो हर माता पिता अपने बच्चे को अच्छी परवरिश ही देना चाहते हैं लेकिन भूल वश या अनजाने में वह परवरिश के दौरान कुछ गलतियां कर जाते हैं। यही गलतियां बच्चे के भविष्य पर भारी पड़ सकती हैं। इसलिए हर माता पिता को बच्चे की परवरिश के दौरान कुछ गलतियों या त्रुटियों से बचना चाहिए । आइए जानते हैं बच्चे के पालन पोषण के दौरान माता-पिता को क्या काम नहीं करना चाहिए।
Parenting Tips: बच्चे की परवरिश करते हुए न करें माता पिता ये गलतियां
Parenting Tips: हर माता पिता को बच्चे की परवरिश के दौरान कुछ गलतियों या त्रुटियों से बचना चाहिए । आइए जानते हैं बच्चे के पालन पोषण के दौरान माता-पिता को क्या काम नहीं करना चाहिए।
तुलना करना
अक्सर माता-पिता अपने बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करते हैं। जैसे, देखो वो कितना होशियार है। इससे बच्चे के आत्मविश्वास में कमी आती है और वह हीन भावना से ग्रसित हो सकता है।
ज्यादा डांटना या मारना
हर छोटी बात पर डांटना या मारपीट करना बच्चे को डरपोक या विद्रोही बना सकता है। डर के कारण बच्चा अपनी बात खुलकर नहीं कह पाता।
मोबाइल या टीवी का उपयोग
जब बच्चा रोता या जिद करता है या उसे व्यस्त रखना होता है तो माता पिता बच्चे को टीवी या मोबाइल का उपयोग करने देते हैं। बच्चे को शांत करने के लिए बार-बार मोबाइल देना उसके विकास में बाधक बन सकता है। इससे उसका ध्यान कम लगता है और बातचीत की क्षमता भी प्रभावित होती है।
भावनाओं को नजरअंदाज करना
जब बच्चा उदास या परेशान हो, तो उसकी भावना को हल्के में लेना या टालना उसे अंदर से अकेला कर देता है। बच्चे के मनोभावों का समझें, न कि उसकी बातों को इग्नोर करें।
'ना' कहना
हर बात पर मना करना बच्चे में जिद्दीपन और विद्रोह की भावना पैदा कर सकता है। जरूरी है कि माता-पिता समझदारी से 'हां' और 'ना' का संतुलन रखें।
ओवरप्रोटेक्टिव होना
बच्चे को हर समय रोकना-टोकना या उसकी हर चीज में दखल देना, उसकी आत्मनिर्भरता को रोकता है। उसे खुद से चीजें समझने और अनुभव लेने का मौका देना जरूरी है।
बच्चे के सामने झगड़ना
माता-पिता के बीच का झगड़ा अगर बच्चे के सामने होता है तो उसका गहरा असर उसके मन पर पड़ता है। वह असुरक्षित महसूस करता है और तनावग्रस्त हो सकता है।