हर मां-बाप अपनी बेटी को विदा करते समय यही दुआ करते हैं कि उनकी लाड़ली ससुराल में इतनी सुखी रहे कि उसे अपने मायके की याद बिलकुल न सताए। पर हकीकत यह है कि किसी लड़की की शादीशुदा जिंदगी कितनी भी सुखी क्यों न हो, उसे अपने माता-पिता, भाई-बहन और घर की याद तो आती ही है।
सच तो यह है कि शादी के बाद दुल्हन पर नए परिवार और नए घर की जिम्मेदारियां और प्रतिबध्यताएं हो जाती हैं जिनके कारण अक्सर उसे मायके की याद को अनदेखा करना पड़ता है। ऐसे में ये 5 उपाय मायके की याद आने पर हर लड़की के लिए मददगार साबित हो सकते हैं। ये उपाय न सिर्फ मायके की याद को आना कम करेंगे बल्कि आपके मायके और ससुराल के बीच के रिश्ते को भी मजबूत बनाएंगे।
शेड्यूल बनाएं
सिर्फ आपको ही अपने घरवालों की याद नहीं आती, उन्हें भी आपकी याद सताती है, आपसे बातें करने का मन करता है। इसलिए शादी के बाद न उनका परित्याग करें और न ही मायके में ही पड़ी रहें। अपने पति और सास-ससुर से चर्चा करके यह तय करें की आप अपने घरेलु काम-काज या अपनी जिम्मेदारियों की उपेक्षा किया बगैर कितने नियमित तौर पर अपने मां-बाप से मिलने घर जा सकती हैं।
उन्हें बुलाएं
अपने पति या ससुराल वालों से पूछकर अपने मायके वालों को कभी-कभार घर बुला सकती हैं। ऐसे में वे भी देखकर खुश होंगे कि उनकी लाड़ली कितनी अच्छी तरह से अपनी नई गृहस्थी संभाल रही है। वे आपके ससुरालवालों को भी अच्छे से देख व जान पाएंगे। मेल मिलाप रिश्तों को मजबूत करेगा।
चुगली न करें
मायके वाले से हालचाल पूछें। सलाह-मशविरा करें पर ससुराल कि हर बात उन्हें न बताएं और न ही चुगली करें। हर छोटी-छोटी चीज को लेकर बखेड़ा न खड़ा करें। आपके नए परिवार कि इज्जत आपके हाथ में है। हर बात मायके में बताना ससुरालवालों को अच्छा नहीं लगेगा। अपने विवेक का प्रयोग करें।
आयोजन करते रहें
महीने में एक बार एक पारिवारिक भोजन या पिकनिक का आयोजन करें। जिसमें आपके और आपके पति के सभी घरवालों को शामिल करें। इससे आपसी रिश्तों में मजबूती आएगी। घर में एक नई परंपरा की शुरुआत हो जाएगी और आपके माता-पिता को आपकी नई जिंदगी का हिस्सा होने का सुख मिलेगा।