International Womens Day 2021: महिलाओं को पता होने चाहिए उनके ये पांच अधिकार, जीवन में आ सकते हैं बड़े काम
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हमारे जीवन में महिलाओं का काफी महत्व है। महिलाएं कई क्षेत्रों में पुरुषों से भी बेहतर कर रही हैं और अपना नाम ऊंचा कर रही हैं। ऐसे में महिलाओं का कद जितना बढ़ रहा है, इसलिए उन्हें वो अधिकार भी पता होने चाहिए जो उनके लिए हैं। दफ्तर में उनके क्या अधिकार हैं, बाहर उनके क्या अधिकार हैं, घर पर उनके क्या अधिकार हैं, समाज में उनके क्या अधिकार हैं। कौन सा अधिकार उनके कहां काम आ सकता है। ये सब महिलाओं को पता होना चाहिए। हर साल हम 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं, ताकि महिलाओं को उनका सम्मान मिल सके। तो चलिए हम आपको महिलाओं के अधिकारों के बारे में बताते हैं।
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हमारे जीवन में महिलाओं का काफी महत्व है। महिलाएं कई क्षेत्रों में पुरुषों से भी बेहतर कर रही हैं और अपना नाम ऊंचा कर रही हैं। ऐसे में महिलाओं का कद जितना बढ़ रहा है, इसलिए उन्हें वो अधिकार भी पता होने चाहिए जो उनके लिए हैं। दफ्तर में उनके क्या अधिकार हैं, बाहर उनके क्या अधिकार हैं, घर पर उनके क्या अधिकार हैं, समाज में उनके क्या अधिकार हैं। कौन सा अधिकार उनके कहां काम आ सकता है। ये सब महिलाओं को पता होना चाहिए। हर साल हम 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाते हैं, ताकि महिलाओं को उनका सम्मान मिल सके। तो चलिए हम आपको महिलाओं के अधिकारों के बारे में बताते हैं।
- अगर कोई महिला बलात्कार पीड़िता है, तो वो भारत के किसी भी पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती है, और कोई भी पुलिस स्टेशन पीड़िता की एफआईआर ये कहकर लिखने से मना नहीं कर सकता कि ये क्षेत्र उनके दायरे में नहीं आता, क्योंकि महिलाओं को ये अधिकार दिया गया है कि वो जीरो एफआईआर के तहत किसी भी पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। साथ ही महिलाएं अपनी शिकायत को पंजीकृत डाक या फिर ईमेल के माध्यम से भी पुलिस स्टेशन को भेज सकती है।
- एक महिला के पास ये पूरा अधिकार होता है कि उसकी तस्वीरों और वीडियो को बिना उनकी इजाजत के कोई भी इंटरनेट/सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं कर सकता है। जिस साइट ने या व्यक्ति ने आपकी तस्वीरें अपलोड की हैं, आप उससे सीधा संपर्क कर सकती हैं। ये वेबसाइट कानून के अधीन हैं और इनका अनुपालन करने के लिए बाध्य भी हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम यानी आईटी एक्ट की धारा-67 और 66-ई बिना किसी भी व्यक्ति की अनुमति के उसके निजी क्षणों की तस्वीर को खींचने, प्रकाशित या प्रसारित करने को निषेध करती है। आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2013 की धारा 354-सी के तहत किसी महिला की निजी तस्वीर को बिना अनुमति के खींचना या साझा करना अपराध माना जाता है।
- आज के दौर में सिर्फ पुरुष ही काम करने नहीं जाते, बल्कि महिलाएं भी काम पर जाती हैं। महिलाएं पढ़-लिखकर इतनी शिक्षित बन रही हैं कि अब वो खुद अपने लिए काम ढूंढकर कर रही हैं। ऐसे में अगर आप किसी कंपनी में काम करते हैं तो आपके पास ये अधिकार है कि आपको भी समान वेतन दिया जाए। दरअसल, समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 समान कार्य के लिए पुरुष और महिला को समान भुगतान का प्रावधान करता है।
- अगर कोई महिला अपराधी है या उस पर कोई आरोप है, तो सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक किसी भी महिला को सूरज ढलने के बाद अरेस्ट नहीं किया जा सकता है। यहां तक कि महिला सिपाही तक भी किसी महिला को रात में अरेस्ट नहीं कर सकती है। अगर अपराध काफी ज्यादा संगीन है, तो इस अवस्था में पुलिस को मजिस्ट्रेट को इस बात की लिखित जानकारी देनी होगी कि महिला को रात में अरेस्ट करना क्यों जरूरी है। इसके अलावा महिलाओं के पास पांचवा अधिकार ये होता है कि अगर कोई महिला अपने साथ हुई किसी घटना (ब्लात्कार, कोई हिंसा आदि) की रिपोर्ट घटना के वक्त नहीं करा पाती, तो उसके पास ये अधिकार होता है कि वो काफी दिनों बाद भी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं।

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