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World Mosquito Day : मच्छर के काटने के बाद कब सावधान हों? इन लक्षणों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
Thu, 20 Aug 2026 09:48 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 20 Aug 2026 09:48 AM IST
सार
World Mosquito Day: आज विश्व मच्छर दिवस के मौके पर हम आप आपको बताएंगे कि मच्छर के काटने के बाद अगर आपकी थोड़ी सी तबीयत भी खराब लगती है तो तुरंत क्या करना चाहिए और हम आपको कुछ ऐसे नुस्खे भी बताएंगे जिन्हें अपनाकर आप मच्छरों से बच सकते हैं।
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मच्छर के काटने के बाद कब सावधान हों?
- फोटो : AI
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World Mosquito Day: आज विश्व मच्छर दिवस है और इस मौके पर यह जानना बेहद जरूरी है कि मच्छर के काटने को मामूली समझना कब भारी पड़ सकता है। मच्छर सिर्फ खुजली और लाल निशान ही नहीं देते, बल्कि कुछ प्रजातियां डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और अन्य बीमारियां फैलाने में भी भूमिका निभाती हैं। खासकर बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ इन बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
मच्छर के काटने के बाद कब सावधान हों?
- फोटो : Freepik.com
मच्छर के काटने के बाद कब सावधान हों?
सामान्य तौर पर मच्छर के काटने पर त्वचा में खुजली, हल्की सूजन, जलन या लाल निशान दिखाई दे सकता है। ये लक्षण अक्सर कुछ समय बाद अपने आप कम हो जाते हैं। लेकिन अगर मच्छर के काटने के बाद बुखार, तेज सिरदर्द, बदन या जोड़ों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सांस लेने में परेशानी, चक्कर, त्वचा पर असामान्य दाने या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे केवल सामान्य मच्छर का काटना समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण मच्छर से फैलने वाले संक्रमण की ओर इशारा कर सकते हैं।
सामान्य तौर पर मच्छर के काटने पर त्वचा में खुजली, हल्की सूजन, जलन या लाल निशान दिखाई दे सकता है। ये लक्षण अक्सर कुछ समय बाद अपने आप कम हो जाते हैं। लेकिन अगर मच्छर के काटने के बाद बुखार, तेज सिरदर्द, बदन या जोड़ों में दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सांस लेने में परेशानी, चक्कर, त्वचा पर असामान्य दाने या रक्तस्राव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे केवल सामान्य मच्छर का काटना समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण मच्छर से फैलने वाले संक्रमण की ओर इशारा कर सकते हैं।
मच्छर के काटने के बाद कब सावधान हों?
- फोटो : Adobe stock
क्या करें?
मच्छर के काटे हुए स्थान को साफ पानी और साबुन से धीरे-धीरे साफ रखें और बार-बार खुजलाने से बचें, क्योंकि ज्यादा खुजलाने से त्वचा पर घाव या संक्रमण हो सकता है। खुजली या हल्की सूजन होने पर ठंडी पट्टी से कुछ राहत मिल सकती है। शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में पानी व अन्य तरल पदार्थ लेते रहें। अगर बुखार, बदन दर्द या कोई अन्य लक्षण शुरू हो जाए, तो अपनी स्थिति के अनुसार डॉक्टर से सलाह लें।
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मच्छर के काटने के बाद कब सावधान हों?
- फोटो : AI
मच्छरों से बचने के आसान तरीके
मच्छरों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका उनके पनपने की जगहों को खत्म करना है। घर के आसपास गमले, कूलर, बाल्टी, टायर, टूटे बर्तन या ऐसी किसी भी जगह पर पानी जमा न होने दें, क्योंकि रुका हुआ पानी मच्छरों के लिए प्रजनन का स्थान बन सकता है। पानी की टंकियों, ड्रम और अन्य कंटेनरों को अच्छी तरह ढककर रखें। कूलर में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करके उसकी सफाई करें। घर के अंदर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के साथ-साथ नालियों और पानी निकासी वाली जगहों पर भी ध्यान दें।
मच्छरों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका उनके पनपने की जगहों को खत्म करना है। घर के आसपास गमले, कूलर, बाल्टी, टायर, टूटे बर्तन या ऐसी किसी भी जगह पर पानी जमा न होने दें, क्योंकि रुका हुआ पानी मच्छरों के लिए प्रजनन का स्थान बन सकता है। पानी की टंकियों, ड्रम और अन्य कंटेनरों को अच्छी तरह ढककर रखें। कूलर में जमा पानी को नियमित रूप से खाली करके उसकी सफाई करें। घर के अंदर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के साथ-साथ नालियों और पानी निकासी वाली जगहों पर भी ध्यान दें।
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मच्छर के काटने के बाद कब सावधान हों?
- फोटो : AI
ध्यान रखें ये बातें
मच्छर से होने वाली हर बीमारी के लक्षण एक जैसे नहीं होते और केवल मच्छर के काटने के आधार पर यह पता नहीं लगाया जा सकता कि किसी व्यक्ति को कौन-सा संक्रमण हुआ है। कुछ लोगों में शुरुआत में हल्के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जबकि बाद में बुखार या अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए लगातार बुखार, तेज बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच कराना और उनकी सलाह के अनुसार उपचार लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
मच्छर से होने वाली हर बीमारी के लक्षण एक जैसे नहीं होते और केवल मच्छर के काटने के आधार पर यह पता नहीं लगाया जा सकता कि किसी व्यक्ति को कौन-सा संक्रमण हुआ है। कुछ लोगों में शुरुआत में हल्के लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जबकि बाद में बुखार या अन्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसलिए लगातार बुखार, तेज बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या असामान्य रक्तस्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से जांच कराना और उनकी सलाह के अनुसार उपचार लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।