कोरोना महामारी के बाद विश्वभर में हार्ट संबंधी बीमारियां तेजी से सामने आई हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की डेटा की मानें तो 2020 में हृदय रोगों से दुनियाभर में 18.6 मिलियन लोगों की मौत हो गई, जो सभी मौतों का 32% है और यह आंकड़ा डराने वाला है।
World Heart Day 2023: एक नहीं हार्ट में हो सकती हैं कई तरह की बीमारियां, इनके बारे में जानते हैं आप?
धमनियों में कॉलेस्ट्रॉल जमाव की बीमारी
इसे Coronary Artery Disease यानी की CAD कहा जाता है। यह बीमारी तेल, कॉलेस्ट्रॉल युक्त चीजें और गलत खान-पान व खराब लाइफस्टाइल के चलते होती है। ये बीमारी धमनियों, जिन्हें कोरोनरी धमनियां कहा जाता है जो दिल की धड़कन के पंप को सही रूप से रक्त पहुंचाने का काम करती है, उसमें बैड कॉलेस्ट्रॉल जमा होने के कारण होती है। सामान्य तौर पर हार्ट अटैक का कारण यही होता है।
हार्ट फेलियर या दिल का काम करना बंद कर देना
इसे आसान शब्दों में Heart Failure कहा जाता है। हार्ट फेल्योर एक बीमारी है जिसमें हार्ट का पंप फंक्शन पहले धीमे-धीमे कमजोर हो जाता है और बाद में बंद हो जाता है जिससे शरीर के जरूरी हिस्सों में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है इससे व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है।
हाइपरटेंशन (Hypertension)
हाइपरटेंशन इसे हाई ब्लड प्रेशर भी कहते हैं जिसके कारण भी हार्ट की फंक्शनिंग पर असर होता है। यह खतरनाक हो जाता है, क्योंकि यह कोरोनरी धमनियों को खराब करता है और हार्ट के जोड़ों को कमजोर कर देता है जिससे हार्ट को क्षति पहुंचती है और कई बार व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।
इसके अलावा रैजमियोपैथी ऐसी बीमारी होती है, जिसमें हार्ट की धड़कन गति अनियमित हो सकती है। इसे दूसरे शब्दों में कहें तो हार्ट एक निश्चित समयावधि में उतनी बार नहीं धड़कता है जिसे नॉर्मल कहा जाता है। यह बीमारी गंभीर होती है और कई दूसरी समस्याओं का कारण बनती है।
कोर पल्पिटेशन (Palpitations)
हार्ट की इस बीमारी में हार्ट की धड़कन बेहद तेज या असामान्य हो जाती है। कई बार रोगी को यह महसूस होता है उसकी हार्ट की गति बंद सी हो गई है। यह बीमारी कई बार दूसरी बीमारियों के साथ जुड़ती है।
हार्ट की यह बीमारी वाल्व से जुड़ी होती है। हार्ट में दो वॉल्व होते हैं यदि उसमें से कोई एक खराब हो जाए या ठीक तरह से काम नही करे तो यह बीमारी होती है। इस बीमारी में धड़कन सही तरीके से काम नहीं करती है।
कोर पल्पिटेशन (Cardiomyopathy):
कोर पल्पिटेशन में हार्ट की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इसमें हार्ट की पंपिंग क्षमता कम हो जाती है जिससे हार्ट फेलियर का खतरा होता है।
इसके अलावा एंजाइना पेक्टोरिस कहा जाता है। इस बीमारी में हार्ट को शरीर के हिस्सों में ब्लड पहुंचाने में कठिनाई होती है, जो आमतौर इस बात का संकेत करती है कि हार्ट को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही है। एंजाइना के लक्षण में छाती में दर्द, दबाव या असहजता होती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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