कोरोना का ओमिक्रॉन वेरिएंट फिलहाल दुनियाभर के लिए बड़ी मुसीबत का कारण बना हुआ है। भारत के संदर्भ में बात करें तो इस वेरिएंट के कारण रोजाना संक्रमण के मामलों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। बीते 24 घंटे की बात करें तो देश में कोरोना के 2.68 लाख से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं, वहीं ओमिक्रॉन से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर अब 6 हजार के पार चला गया है। अध्ययनों में ओमिक्रॉन के संक्रमण को काफी हल्का माना जा रहा है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को इस खतरे से लगातार बचाव करते रहने की अपील कर रहे हैं।
Omicron Variant: इन देशों में सामने आए 'खतरनाक स्ट्रेन' BA.2 के मामले, भारत में BA.1 बना चिंता का कारण
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यूके में सामने आए कोरोना के उपवंश के केस
यूके स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि सैंपल की जांच के दौरान BA.2 उप-वंश के 53 मामले सामने आए हैं, हालांकि इसमें किसी विशिष्ट म्यूटेशन के बारे में फिलहाल नहीं पता चला है। मामलों की एहतियातन नजरिए से बारीकी से जांच की जा रही है। यूके से पहले इज़राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को देश में ओमिक्रॉन के उप-वंश के कई मामलों की घोषणा की थी। रिपोर्ट के मुताबिक देश में कम से कम 20 ऐसे संक्रमितों की पहचान की गई है।
इजराइल में भी रिपोर्ट किए गए BA.2 के मामले
द टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि वैसे को पहले ही कई देशों में BA.2 उप-वंश की पहचान की जा चुकी है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इसमें ओमिक्रॉन के मूल से परे अतिरिक्त म्यूटेशन हो सकते हैं। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि यह ओमिक्रॉन के मूल वेरिएंट से ज्यादा खतरनाक है या नहीं? चूंकि इसमें अलग तरह के म्यूटेशन हो सकते हैं तो संभव है कि इसकी संक्रामता दर भी अधिक हो।
क्या कहता है विश्व स्वास्थ्य संगठन?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अबतक ओमिक्रॉन वेरिएंट (बी.1.1.529) के तीन उप-वंश BA 1, BA.2 और BA.3 के बारे में पता चला है। BA.1 और BA.3 के स्पाइक प्रोटीन में 69-70 विलोपन देखने को मिला है हालांकि BA.2 में इस तरह के मामले नहीं है। स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक चूंकि उप-वंश एक ही वायरस परिवार से संबंधित होते हैं, इसलिए सैंपल टेस्टिंग के दौरान सभी को ओमिक्रॉन पॉजिटिव ही मान लिया जाता है। एहतियात के तौर पर कोरोना से बचाव के उपायों को लगातार करते रहने की आवश्यकता है।
भारत में सामने आ चुके हैं BA.1 के मामले
इससे पहले भारत में भी ओमिक्रॉन के उपवंश BA.1 के मामले सामने आ चुके हैं। डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी में इंडियन सार्स-सीओवी-2 जीनोम कंसोर्टियम (आईएनएसएसीओजी) ने हाल ही में एक रिपोर्ट में बताया कि महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में इस उपवंश के मामले देखनें को मिले हैं, यह तेजी से बढ़ता हुआ डेल्टा की जगह लेता दिख रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि संभवत: इसकी संक्रामता दर, अन्य की तुलना में अधिक हो सकती है। सभी लोगों को विशेष सुरक्षा उपायों के पालन करते रहने की आवश्यकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है।
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